स्वामी श्रद्धानंद ने घर वापसी का मार्ग प्रशस्त किया : अनिल आर्य
चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। आर्य समाज सेक्टर-7 चंडीगढ़ की ओर से मंगलवार को भजन प्रभात कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी संस्था के पूर्व कोषाध्यक्ष स्वर्गीय श्री आनंदशील आर्य की चतुर्थ पुण्यतिथि के अवसर पर उनके परिवार की ओर से आयोजित प्रातः यज्ञ के साथ हुआ।
कार्यक्रम में दिल्ली से पहुंचे केंद्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने स्वर्गीय आनंदशील आर्य को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने उन हिंदू परिवारों को वापस अपने मूल धर्म में लौटने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए काम किया, जो विभिन्न कारणों से ईसाई या मुस्लिम धर्म में चले गए थे।
अनिल आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी की स्थापना की। उन्होंने बताया कि स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान का शताब्दी वर्ष आने वाला है, जिसके तहत पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने धर्म परिवर्तन और राष्ट्र के प्रति निष्ठा को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन के विषय को सामाजिक और राष्ट्रीय दृष्टि से गंभीरता से समझने की आवश्यकता है।
भजनों से श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का संचालन आर्य समाज के मंत्री प्रकाश चंद शर्मा ने किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय श्री आनंदशील आर्य और उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सूरज ने संस्था एवं समाज हित में लगातार सराहनीय कार्य किए। उन्होंने शर्मा परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर डॉ. विजय पाल शास्त्री और पिंकी आर्या ने सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देकर स्वर्गीय आनंदशील आर्य के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
सेक्टर-22 में पाखंड खंडन सम्मेलन आयोजित
इसी क्रम में आर्य समाज सेक्टर-22 में पाखंड खंडन सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। सम्मेलन में वक्ताओं ने संत रामपाल दास द्वारा महर्षि दयानंद सरस्वती और अन्य हिंदू देवी-देवताओं के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की।
वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाए और यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि धार्मिक विषयों पर विवादित बयानों से सामाजिक वातावरण प्रभावित नहीं होना चाहिए।
कार्यक्रम में युवा संन्यासी स्वामी आदित्य वेश, शिक्षाविद रमेश चंद्र जीवन, अशोक आर्य पंचकुला, विनोद शर्मा, राजेंद्र आर्य, आनंद सिंह आर्य करनाल, धर्मवीर बत्रा और अमितेश कुमार सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।
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