निदेशक (एचआर), एसईसीएल को दिया विशेष धन्यवाद।
जमुना-कोतमा। एसईसीएल ज़मुना-कोतमा क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर उस समय बना जब क्षेत्र में पदस्थ श्री अक्षय कुमार तिवारी के पुत्र असित तिवारी का चयन देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान आईआईएम शिलॉन्ग में एमबीए अध्ययन हेतु हुआ। कम उम्र में मिली इस बड़ी उपलब्धि ने न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और एसईसीएल परिवार को गौरवान्वित किया है।
असित तिवारी ने देश की प्रतिष्ठित CAT (कॉमन एडमिशन टेस्ट) परीक्षा में 99 पर्सेंटाइल प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके बाद उन्होंने साक्षात्कार प्रक्रिया भी सफलता पूर्वक पूर्ण की। उल्लेखनीय है कि देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों से अवसर मिलने के बावजूद असित ने अपनी आगे की पढ़ाई के लिए आईआईएम शिलॉन्ग को चुना।
असित का शैक्षणिक सफर शुरू से ही उत्कृष्ट उपलब्धियों से भरा रहा है। 12वीं कक्षा के बाद उनका चयन इंटीग्रेटेड बीबीए+एमबीए कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईएम रोहतक एवं इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड (आईआईएफटी) में हुआ था। उन्होंने आईआईएफटी से अपनी स्नातक शिक्षा पूरी करते हुए लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन बनाए रखा।
उनकी लगन और आत्मविश्वास का उदाहरण कोविड काल में भी देखने को मिला। स्व-अध्ययन के माध्यम से उन्होंने जेईई परीक्षा उत्तीर्ण कर आईआईटी मद्रास में प्रवेश प्राप्त किया और वहाँ एक वर्ष तक अध्ययन भी किया। बाद में प्रबंधन शिक्षा के प्रति अपने स्पष्ट लक्ष्य और रुचि को देखते हुए उन्होंने बीबीए+एमबीए की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया और आईआईएफटी से स्नातक अध्ययन पूर्ण किया। हालांकि वे चाहें तो वहीं से एमबीए की पढ़ाई जारी रख सकते थे, लेकिन बेहतर अवसर और नए अनुभवों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने संस्थान परिवर्तन का निर्णय लिया।
अपनी सफलता पर असित तिवारी ने इसका श्रेय अपने माता-पिता के साथ अपने नाना श्री योगेन्द्र द्विवेदी (सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर) तथा बड़े पिता श्री शरद तिवारी (सेवानिवृत्त संचालक, छत्तीसगढ़ शासन) के मार्गदर्शन और प्रेरणा को दिया। डायरेक्टर (एचआर) श्री बिरंची दास सर को असित तिवारी ने विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया, जिनकी नीतियों एवं सक्रियता से एसईसीएल कर्मियों के बच्चे उच्च शिक्षा में प्रवेश प्राप्त कर रहे हैं।
यह खबर प्राप्त होते ही एक सेकंड में ही सर द्वारा असित तिवारी को शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।
विशेष बात यह है कि मात्र 20 वर्ष की आयु में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले असित आगे चलकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने की भी योजना बना रहे हैं।
असित तिवारी की इस सफलता से ज़मुना-कोतमा क्षेत्र, एसईसीएल परिवार और क्षेत्र के युवाओं में7 उत्साह का वातावरण है। क्षेत्र के लोगों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए असित के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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