शाहजहांपुर। योगी सरकार भले ही तालाबों और सरकारी भू–धरों के संरक्षण के लिए कठोर निर्देश जारी कर चुकी हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट नजर आ रही है। तिलहर तहसील के थाना गढ़िया रंगीन क्षेत्र में स्थित एक सरकारी तालाब पर कब्जे की शिकायत ने स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि भू-माफिया गांव की भूमि को हड़पने की फिराक में है और इसमें ग्राम प्रधान का सहयोग भी शामिल बताया जा रहा है।
थाना गढ़िया रंगीन निवासी भगवान शरण शर्मा ने एसडीएम तिलहर को शिकायती पत्र देकर कहा है कि गांव के ही कथित दबंग भू-माफिया सत्यप्रकाश पुत्र नत्थू द्वारा सरकारी तालाब पर कब्जा कर गेट लगाया जा रहा है। शिकायतकर्ता के अनुसार यह सब ग्राम प्रधान की मिलीभगत से हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब सार्वजनिक संपत्ति है, लेकिन कुछ लोग इसे निजी रूप से घेरकर अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि सरकारी तालाब पर गांव के अन्य लोगों का भी कब्जा है, जिनके खिलाफ मुकदमा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद तालाब को बचाने और कब्जा हटाने के लिए प्रशासन की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में नाराज़गी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि योगी सरकार की सख्त मंशा के बावजूद स्थानीय स्तर पर माफिया बेखौफ होकर सरकारी भूमि पर डंका बजा रहे हैं।
भगवान शरण शर्मा ने एसडीएम तिलहर से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया कि क्षेत्रीय लेखपाल, कानूनगो और पुलिस बल को मौके पर भेजकर सरकारी तालाब पर किए जा रहे अवैध निर्माण और कब्जे को हटाया जाए, साथ ही संबंधित भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए। ग्रामीणों ने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह तालाब भी रिकॉर्ड से गायब होने वाले सरकारी जलस्रोतों की लंबी सूची में शामिल हो जाएगा।
फिलहाल प्रशासन ने शिकायत प्राप्त होने की पुष्टि की है और मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए, ताकि गांव में फैल रहे भू-माफियाओं के हौसले पस्त हों और सरकारी तालाब को कब्जे से बचाया जा सके।
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