समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी।।
सोनभद्र के दुर्गम आदिवासी एवं ग्रामीण अंचलों में जहां आज भी शिक्षा तक पहुंच कई चुनौतियों से होकर गुजरती है, वहां अवादा फाउंडेशन उम्मीद और बदलाव की नई रोशनी बनकर उभर रहा है। शिक्षा को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में फाउंडेशन द्वारा लगातार किए जा रहे प्रयास अब ग्रामीण क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन की मजबूत नींव रख रहे हैं। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में ग्राम खोड़ैला के कक्षा 6वीं से 11वीं तक के 93 छात्र-छात्राओं को साइकिलें वितरित की गईं।
यह पहल उन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगी, जिन्हें प्रतिदिन कई किलोमीटर दूर जंगल एवं दुर्गम रास्तों से होकर विद्यालय जाना पड़ता था। साइकिल मिलने से अब बच्चों को विद्यालय पहुंचने में सुविधा होगी तथा उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा के प्रति रुचि को भी बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में अजय शुक्ला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अवादा एनर्जी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि अवादा फाउंडेशन ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रहा है।अवादा फाउंडेशन की निदेशक श्रीमती ऋतु पटवारी ने कहा,हमारा उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि ग्रामीण एवं जनजातीय समुदायों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक परिवर्तन लाना है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को सशक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है।
अजय शुक्ला, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, अवादा एनर्जी ने कहा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना समाज के विकास के लिए आवश्यक है। साइकिल वितरण जैसी पहल बच्चों के आत्मविश्वास और शिक्षा दोनों को मजबूत करेगी।कार्यक्रम में 150 से अधिक विद्यार्थी, अभिभावक एवं ग्रामीणों ने सहभागिता की।ग्रामीणों ने अवादा फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि साइकिल मिलने से बच्चों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा होगी तथा वे नियमित रूप से अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे।
ग्राम खोड़ैला के जगराम ने कहा,पहले बच्चों को जंगल के रास्तों से पैदल विद्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब साइकिल मिलने से उनकी पढ़ाई आसान हो जाएगी। यह गांव के बच्चों के लिए बहुत बड़ी सहायता है।वहीं राजकुमार ने कहा फाउंडेशन द्वारा गांव में शिक्षा और विकास के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। इससे बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है और ग्रामीणों में भी जागरूकता बढ़ रही है।फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र में विद्यालयों के जीर्णोद्धार, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा, टैबलेट वितरण, निःशुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य शिविर, सोलर स्ट्रीट लाइट एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े विभिन्न विकास कार्य भी संचालित किए जा रहे हैं।
इन पहलों से गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है तथा लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न रचनात्मक, मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी, भीतर-बाहर खेल, गुब्बारा प्रतियोगिता, समूह गायन एवं समूह नृत्य प्रमुख रहे। बच्चों ने पूरे उत्साह, आत्मविश्वास एवं ऊर्जा के साथ इन गतिविधियों में भाग लिया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में जीवंतता और उत्साह का संचार कर दिया, वहीं उनकी प्रतिभा, अनुशासन एवं सामूहिक सहभागिता ने उपस्थित अतिथियों और ग्रामीणों का मन मोह लिया।कार्यक्रम में अवादा फाउंडेशन के सीनियर मैनेजर महेश माथुर, प्रफुल्ल कुमार, निखिल उत्तम, राहुल पटेल, विश्वजीत सहित अन्य अधिकारीगण, स्थानीय ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।



