रक्तदान दिवस पर अमरजीत सिंह ने दिया मानवता का संदेश, युवाओं से की आगे आने की अपील
अमलाई। रक्तदान को महादान कहा जाता है और इस कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं इंटक के एरिया महामंत्री अमरजीत सिंह। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर उन्होंने सेंट्रल हॉस्पिटल धनपुरी में अपना 46वां रक्तदान कर समाज के सामने सेवा और मानवता का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
विशेष बात यह रही कि अमरजीत सिंह वर्तमान में 46 वर्ष के हैं और उन्होंने अपनी उम्र के बराबर 46वीं बार रक्तदान कर एक प्रेरणादायक संदेश दिया है। उनके इस सराहनीय कार्य की अस्पताल स्टाफ, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आम नागरिकों ने प्रशंसा की।
रक्तदान के बाद अमरजीत सिंह ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुनीत कार्य है, जिससे किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में स्वैच्छिक रक्तदाता ही मरीजों के लिए जीवनदाता साबित होते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से रक्तदान करना चाहिए। रक्तदान से न केवल जरूरतमंदों को जीवन मिलता है, बल्कि इससे दान करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। समाज में रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े।
सेंट्रल हॉस्पिटल धनपुरी में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम के दौरान मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी अमरजीत सिंह के योगदान की सराहना की। उनका कहना था कि लगातार 46 बार रक्तदान करना सामान्य बात नहीं है, बल्कि यह समाज और मानवता के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को दर्शाता है। ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणा का कार्य करते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने भी अमरजीत सिंह के इस कदम को सराहनीय बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में जब लोग अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहते हैं, तब किसी अनजान व्यक्ति की जान बचाने के लिए नियमित रक्तदान करना वास्तव में सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है। उनके इस कार्य से निश्चित रूप से अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी।
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर किए गए इस रक्तदान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मानवता की सेवा के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि बड़े दिल की आवश्यकता होती है। अमरजीत सिंह का यह योगदान समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि रक्तदान केवल एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसी के जीवन में नई उम्मीद और नया जीवन देने का माध्यम है। उनकी 46वीं बार की गई यह रक्तदान सेवा न केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समाज में जनजागरूकता और मानवता के प्रति समर्पण का भी उत्कृष्ट उदाहरण है।
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