
समाज जागरण संवाददाता विवेक देशमुख
बिलासपुर। 17अक्टूबर 2022 सोमवार को भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने कहा की सरकार यदि किसान हितैषी है तो किसानों की मांगों को तत्काल पूर्ण करें। विगत वर्षों में धान खरीदी को लेकर किसानों को बहुत सी परेशानियों का समाना करना पड़ा है सरकार ने प्राथमिकता से इन दिक्कतों को दूर करे।
सरकार ने किसानों को घोषणा पत्र में भाजपा शासनकाल का दो वर्ष का बोनस देने की बात की थी परंतु सरकार जैसे उसे देना भूल गई है। सरकार कहती है जो कहते हैं वह करते हैं यह मात्र जुमला बन कर रह जायेगा। घोषित सिंचाई योजनाएं अभी तक अधूरी पड़ी हुई है, प्रदेश के पानी पर आज भी उद्योगों का अधिक अधिकार है ऐसे में किसानों को आंदोलन के लिए बाध्य होना ही पड़ेगा। खाद की खुलेआम कालाबाजारी होना नामांतरण, फौतनामा एवं राजस्व के छोटे से छोटे कार्यों में होने वाला भ्रष्टाचार किसानों के साथ सीधा सीधा शोषण है।
इसके अतिरिक्त किसानों की प्रमुख मांगें है लंबित सिंचाई परियोजनाओं को शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, कांग्रेस अपने घोषणा पत्र में उल्लेखित दो वर्ष का बोनस दे धान खरीदी प्रति 20 क्विंटल की जाए। गौवंश की व्यवस्था हेतु गौठानों को व्यवस्थित किया जाए। पैरादान हेतु किसानों को प्रोत्साहित करने मजदूरी भुगतान एवं भाड़ाक्रय मनरेगा से जोड़कर दिया जाए। गौवंश को सुरक्षित करने पूरे प्रदेश में लंपी वायरस का टिकाकरण कराया जाए। नामांतरण एवं आपसी बंटवारे पर रजिस्ट्री शुल्क माफ किया जाए एवं इसे पूर्ववत ग्राम पंचायतों को इसका अधिकार दिया जाए। जैविक खेती से प्राप्त उपज की जांच हेतु प्रत्येक विकासखण्ड में लैब स्थापित की जाए एवं जैविक फसलों की खरीदी के लिए सभी जिलों में अलग मंडी की व्यवस्था की जाए। धान खरीदी में धान की किस्मों को चार श्रेणी में बांटा जाए मोटा, पतला, एच एम टी, सुगंधित। खाद परिक्षण हेतु सभी विकासखंडों में लैब स्थापित की जाए। रबी में बोई जाने वाली फसलों की भी खरीदी राज्य शासन द्वारा की जाए एवं गिरदावरी हो चुकी है ऐसे में किसानों का रकबा कृषि विस्तार अधिकारी एवं कम्प्यूटर ऑपरेटर द्वारा पंजीयन कर दिया जाएप1 कार्यालयों के चक्कर ना लगाने पड़े। 6/4 के मुआवजे के लिए पुराने कानूनों में बदलाव किया जाए।