वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर बिहार राज्य सूचना आयोग ने ग्रामीण कार्य विभाग के एक अधिकारी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह आदेश राज्य सूचना आयुक्त ब्रजेश मेहरोत्रा ने सुनवाई के बाद पारित किया।
जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता हसीबुर रहमान ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल किशनगंज-2 के लोक सूचना पदाधिकारी सह कार्यपालक अभियंता से सड़क निर्माण कार्य से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मांगी थी। निर्धारित समय सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई।
इसके बाद उन्होंने विभाग के प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष प्रथम अपील दायर की, लेकिन वहां से भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अंततः उन्होंने बिहार राज्य सूचना आयोग, पटना के समक्ष अधिनियम की धारा 18 के तहत शिकायत दर्ज कराई।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी सह कार्यपालक अभियंता द्वारा आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। इस पर आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरटीआई अधिनियम की धारा 20(1) के तहत दोषी अधिकारी पर प्रतिदिन 250 रुपये की दर से अधिकतम 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।
बताया जाता है कि इस संबंध में आयोग ने दो अलग-अलग मामलों में पत्रांक 3557 एवं 3558, दिनांक 20 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया है। दोनों मामलों में 25-25 हजार रुपये का दंड लगाया गया है।
सामाजिक कार्यकर्ता हसीबुर रहमान ने कहा कि सूचना आयोग का यह निर्णय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आरटीआई कानून नागरिकों को सशक्त बनाता है और इसके माध्यम से सरकारी तंत्र को जवाबदेह बनाया जा सकता है।



