दैनिक समाज जागरण | अनील कुमार, संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
दक्षिण-पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका सीधा असर भारत में रसोई

गैस (LPG) की उपलब्धता पर देखने को मिल रहा है। इसी स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने आम और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य में जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों से कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा।
ऊर्जा संकट के बीच सरकार की नई पहल
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने खान एवं भूतत्व विभाग, परिवहन विभाग और सभी संभागीय पदाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक गाइडलाइन भेज दी है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी युद्ध के कारण ऊर्जा सप्लाई बाधित हुई है, जिससे बिहार में रसोई गैस की किल्लत उत्पन्न हो गई है।
ऐसे में वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कुकिंग कोयला गरीब परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत बनी गाइडलाइन
सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के प्रावधानों के तहत लाभुकों के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
इसके तहत सभी PDS दुकानों को निर्देशित किया गया है कि वे पात्र राशन कार्ड धारकों को नियमानुसार कुकिंग कोयला उपलब्ध कराएं।
हर राशन कार्ड धारक को मिलेगा 100 किलो कोयला
सूत्रों के अनुसार, बिहार सरकार ने प्रति कार्ड धारक को 100 किलो कुकिंग कोयला उपलब्ध कराने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है।
इससे उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें गैस सिलेंडर की कमी या बढ़ी कीमतों के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
गरीब परिवारों को बड़ी राहत
सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के चलते रसोई गैस की आपूर्ति बाधित होने का असर गरीब परिवारों पर कम से कम पड़े।
PDS के माध्यम से सस्ती दर पर कोयला उपलब्ध कराकर सरकार लोगों को सुरक्षित और सुलभ विकल्प प्रदान करना चाहती है।
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