google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

रक्तदान से कदापि नहीं पड़ता प्रतिकूल प्रभाव, एक यूनिट बचाती तीन की जान: डा.एम पी मिश्रा

सुनील बाजपेई
कानपुर। यह महानगर किसी दुर्घटना या बीमारी का शिकार होने पर असमय मृत्यु के खिलाफ जीवन के पक्ष में विश्व के सबसे बड़े दान रक्तदान के आयोजन में भी अव्वल चल रहा है। इसके प्रमुख श्रेय धारकों में अनगिनत अन्य के साथ सर्वोत्तम और सस्ती चिकित्सा के रूप में भी समाज सेवा में अग्रणी नारायणा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल भी शामिल है।
अपने दो दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान अभियान के तहत 375 यूनिट रक्तदान करने कराने वाले नारायणा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल का उद्देश्य आमजन को रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा अधिक से अधिक लोगों को इस महादान के लिए प्रेरित करना है।


इसके लिए मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) के प्रचारक भवानी तिवारी की मौजूदगी में रक्तदाता दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा के क्षेत्र में हर दृष्टिकोण से जनहित में अव्वल नारायणा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक (एम डी) उदित नारायणा तथा पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. एम. पी. मिश्रा ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए लोगों को नियमित रूप से रक्तदान करने के लिए प्रेरित किया।


उन्होंने बताया कि एक यूनिट रक्तदान से तीन लोगों का जीवन बचाया जा सकता है तथा रक्तदान करने से रक्तदाता के स्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ता, बल्कि यह एक सुरक्षित एवं मानवीय सेवा है।
इस मौके पर नारायणा ब्लड सेंटर की प्रभारी डॉ. रोहिणी श्रीवास्तव ने उपस्थित लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने सभी इच्छुक नागरिकों से रक्तदान के आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने की भी अपील की।
रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान के लिए इस अवसर पर डॉ. दीक्षा, डॉ. देवेश एवं डॉ. अभिलाष सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी भी मौजूद रहे।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)