कार्यक्रम के दौरान किया गया पुस्तक विमोचन ।
समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी
राजेश्वरी महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय हरहुआ वाराणसी में साहित्यकार चन्द्रमा सिंह की 92वीं जयन्ती धुमधाम से मनाई गई।कार्यक्रम का आयोजन दो सत्र किया गया पहले सत्र में परिचर्चा और और दुसरे सत्र मे काव्यपाठ का कार्यक्रम रखा गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रबंध निदेशक डॉ राघवेन्द्र नारायण सिंह ने अपने पिता साहित्यकार चंद्रमा सिंह के जीवन संघर्ष और साहित्य सृजन पर विशद चर्चा की और उनकी कविता के स्वर को जनांदोलनोन्मुखी बतलाया। परिचर्चा और श्रद्धांजलि कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो रामानन्द राय ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि न्यायाधीश चन्द्रभाल सुकुमार जी रहे। विशिष्टद्वय अतिथि समीक्षक डाक्टर राम सुधार सिंह और महेंद्र प्रताप सिंह थे। महाविद्यालय के प्रबंध निदेशक ने अतिथियों का स्वागत पुष्पमाल और स्मृतिचिन्ह तथा अंगवस्त्र से विभूषित करते हुए किया। डाक्टर राम सुधार सिंह ने चन्द्रमा सिंह को अस्सी के दशक का प्रमुख साहित्यकार बतलाते हुए उनके साहित्य को आम आदमी का साहित्य कहा।मुख्य वक्ता प्रोफेसर इंदीवर पांडेय जी ने चन्द्रमा सिंह के साहित्य पर शोध करने की आवश्यकता पर बल देते हुए उनके साहित्य की विशिष्टता को रेखांकित किया। न्यायालय सुकुमार जी ने उनके साहित्य को जमीन से जुड़ा हुआ बतलाते हुए उन्हें प्रगतिशील साहित्यकार बतलाया। डाक्टर महेंद्र प्रताप सिंह ने चन्द्रमा सिंह की कविता को संघर्ष से उत्पन्न बतलाया। काव्यपाठ सत्र की अध्यक्षता पूर्व वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी दिनेश चंद्र ने की। मुख्य अतिथि पंडित छतीश कुमार द्विवेदी कुंठित रहे।विशिष्ट अतिथि भोलानाथ द्विवेदी और डॉ ऐश्वर्या सिन्हा चित्रांश थीं। अन्य कवियों में आकाश मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, पंडित टीकाराम शर्मा आचार्य ,पुष्पेन्द्र अस्थाना पुष्प, डॉ मधूलिका राय मधु,राम जतन पाल, विश्वनाथ कुमार, संध्या मौर्य नीलम मौर्या,खरीद अहमद राही,निशार अहमद,आशिक बनारसी रहे।
इस अवसर पर डॉ राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा लिखित सातवें उपन्यास उपन्यास की नायिका और साहित्यकार चन्द्रमा सिंह सृजन और जीवनसंघर्ष पुस्तकों का विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ लियाकत अली जलज ने और धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक अंशुमान सिंह ने किया।
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