जमीन भुगतान विवाद में बवाल: रैयतदारों ने जेसीबी से तोड़ी बाउंड्री, प्लॉटिंग पर किया कब्जा

दैनिक समाज जागरण 12.04.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर

जमशेदपुर के नुआग्राम स्थित साईं नगर फेज-3 में जमीन भुगतान को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। भुगतान नहीं मिलने से नाराज रैयतदारों ने आक्रोशित होकर जेसीबी मशीन के साथ प्लॉटिंग क्षेत्र में पहुंचकर वहां बनी बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया और जमीन पर दोबारा कब्जा जमा लिया। इतना ही नहीं, उन्होंने पूरे क्षेत्र में खेत की मेड बनाकर अपने स्वामित्व का दावा भी प्रस्तुत किया।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह मामला नुआग्राम मौजा की करीब 7 बीघा जमीन से जुड़ा है, जिसका बंटवारा सुधीर चंद्र मोड़ल एवं दुर्योधन मोड़ल के परिवार के बीच होना था। बताया जा रहा है कि खाता संख्या 145 और 146 की इस जमीन में कुल चार हिस्सेदारों के बीच बराबर बंटवारा तय किया गया था। हालांकि, आरोप है कि करीब आठ वर्ष पूर्व कोरोना काल के दौरान अकीन चंद्र मोड़ल ने इस पूरी जमीन को 62 लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।


इस संबंध में विश्वजीत मोड़ल और दिलीप मोड़ल ने बताया कि उनकी सहमति के बिना ही जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई और उन्हें उनके हिस्से का उचित भुगतान भी नहीं किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी रेयती जमीन पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर दी गई है। इसी के विरोध में वे जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंचे और रडार इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन द्वारा विकसित प्लॉटिंग को तोड़ दिया।


रैयतदारों का कहना है कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का पूरा भुगतान नहीं किया जाएगा, वे किसी भी स्थिति में जमीन पर अपना कब्जा नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है और इसके अधिकार से उन्हें वंचित नहीं किया जा सकता।


रैयतदारों ने यह भी आरोप लगाया कि रडार इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन के मालिक रणवीर सिंह के साथ पहले यह सहमति बनी थी कि जमीन का बंटवारा सभी भाइयों के बीच बराबर किया जाएगा और उसी के अनुरूप भुगतान किया जाएगा। लेकिन वास्तविकता में उन्हें मात्र 40 लाख रुपये ही दिए गए, जो उनके हिस्से के अनुसार काफी कम है। इसी असंतोष के कारण उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।


दूसरी ओर, इस पूरे मामले में रडार इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन के मालिक रणवीर सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि जमीन मालिक अकीन चंद्र मोड़ल को 75 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है, जबकि अन्य हिस्सेदारों को भी 40 लाख रुपये दिए गए हैं। उनका दावा है कि पूरी प्रक्रिया कानूनी रूप से पूरी की गई है और भुगतान के बाद ही जमीन की बिक्री की गई है।


रणवीर सिंह ने यह भी कहा कि बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी नोटिस के इस प्रकार निर्माण कार्य को तोड़ा जाना पूरी तरह गलत और गैरकानूनी है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।


फिलहाल, इस विवाद के कारण इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन स्थिति को देखते हुए हस्तक्षेप की संभावना जताई जा रही है। यह मामला जमीन लेन-देन में पारदर्शिता और आपसी सहमति की कमी को उजागर करता है, जिससे भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए सख्त निगरानी और स्पष्ट प्रक्रियाओं की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

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