समाज जागरण सावदाता दीपक सरकार
आजादी से आज तक और झारखंड निर्माण को 25वर्ष बीतने को है, लेकिन आज भी राजखाड़ विकास को तरस रहा
इलाज के लिए धनेशवरी देवी को खटिया पर लिटाकर ग्रामीण पार कराते नदी
पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत घासीदास पंचायत का राजखाड़ गांव लगातार 3 दिन से बारिश होने के कारण टापू में तब्दील हो गया है राजखर गांव का प्रखंड एवं जिला मुख्यालय से संपर्क भी टूट चुका है।यह बिश्रामपुर प्रखंड मुख्यालय से महज 15किलोमीटर की दुरी और पाण्डु प्रखंड मुख्यालय से महज 6किलोमीटर की दुरी पर स्थित है।यह स्थिति दूरियां नदी पर पुल नहीं बनने के कारण हुई है, बताते चले की अति सुंदरवर्ती गांव राजखाड़ जाने का एकमात्र कच्चा रास्ता है जो लगातार बारिश होने के कारण कीचड़ में तब्दील हो गया है, इसी कच्चे रास्ते के बीच धुरियां नदी पड़ता है जिसका जलस्तर अभी काफी बढा हुआ है, स्कूल जाने के लिए भी बच्चों को जान जोखिम में डालकर धुरिया नदी पार कराते बच्चे के अभिभावक इसी बीच एक वृद्ध महिला धनेश्वरी देवी की तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जो गांव के परिजन ने ग्रामीणों के सहयोग से उसे खटिया पर लिटाकर नदी पार कर पांडू इलाज के लिए ले गए।

क्या कहते है घसीदाग पंचायत की मुखिया अंजू कुमारी
वर्तमान मुखिया अंजू कुमारी ने बताया की हमलोगो के द्वारा दर्जनों बार सांसद बिष्णु दयाल राम एवं पूर्व विधायक सह मंत्री रामचंद्र चन्द्रवंसी, वर्तमान विधायक रामनरेश प्रसाद सिंह को भी लिखित ज्ञापन दिया गया लेकिन बिडंबना यह है की यहां पर सड़क और नदी की पुल के बारे किसी ने ध्यान नहीं दिया।
क्या कहते है गाँव के ग्रामीण जनता
गाँव के ग्रामीण सुनील राम ने बताया की राजखाड़ नदी पर पुल और कच्ची सड़क नहीं होने के कारण बरसात के दिनों मे प्रखंड मुख्यालय से भी हमलोगो का नाता टूट जाता है,नहीं जा पाते और न ही पाण्डु बाजार कर पाते है,यहां तक मरीजों को खाट पर लिटाकर नदी पार करते है तब जाकर प्राथमिक उपचार पाण्डु हो पाति है।इस नदी के कारण क़ोई इस गाँव अपनी लड़का लड़की की रिश्ता जोड़ना नहीं चाहता
रविकांत कुमार रवि रविकांत कुमार रवि ने बताया की हमलोगो आजाद भारत के नागरिक है, देश आजाद है लेकिन हमारे गाँव जैसे बहुत आज भी गाँव है,जो सड़क और नदी पर पुल बनने के आस लगाय बैठे है। राजखाड़ मे जो उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय है उसका शिलान्यास पूर्व विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी के द्वारा लगभग 10वर्ष पहले कराया गया था और उन्होंने बताया था की जल्द ही मै धुरहि नदी पर पुल और सड़क का शिलान्यास करूँगा जिससे स्कुल मे बच्चे को आने मे क़ोई परेशानी नहीं होंगी,विद्यालय तो बन गया बच्चे पढ़ने लगे लेकिन आज तक न सड़क बानी न हीं नदी पर पुल सिर्फ आज तक अस्वासन ही मिलती रही, और हमलोगो सुनते रहे,ज़ब चुनाव आते है तो नेताओं की लम्बी लाइन लग जाती है एक जाते है तो दूसरा तुरंत पहुंच जाते है चुनावी भासन और अस्वासन से तो लगता है इसबार राजखाड़ गाँव स्वर्ग बन जायगा,लेकिन हमलोग सिर्फ वोट देते रहे हमारी वोट से नेता कभी बिधायक तो मंत्री और सांसद बनते रहे, हमलोगो को अस्वासन मिलते रहे



