इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार, दिन भर ठीठूरे लोग.
ब्यूरो चीफ सोनभद्र/समाज जागरण
सोनभद्र। जनपद सहित आसपास के इलाकों में ज्यादातर हिस्सा ठंड व बादल के साथ कोहरे के साए में लिपटा हुआ देखने को मिला. माैसम विभाग का कहना है कि सोनभद्र सहित अन्य क्षेत्रों में एक बार फिर हवा का रुख बदलने की संभावना है. सोमवार से पछुआ हवाएं चलेंगी. इसके असर से जिले भर में दिन व रात के तापमान में क्रमश: गिरावट के साथ-साथ ज्यादा ठंड भी बढ़ सकती है और साथ ही कोहरे का असर देखने को मिलेगी. शुक्रवार को दिनभर कोहरा सहित बादल छाए रहने की वजह से धूप नहीं निकली. पूरे दिन जनपद सहित कई इलाकों में कोहरे व आसमान में छाए बादल ने सूर्य द्वारा पहरेदारी की गई. इससे जन जीवन पर खासा असर पड़ा है. गलन और सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहे. बच्चों को कड़कड़ाती ठंड में स्कूल जाना पड़ा. धुन्ध के कारण दृश्यता कम रही. ऐसे में वाहनों की रफ्तार धीमी रही और उन्हें लाइट जला कर चलना पड़ा. ठंड से बचने के लिए लोग जगह-जगह अलाव जलाते दिखे. हालांकि शाम होते होते धुन्ध और बढ़ गई. इस सीजन में पहली बार तापमान सबसे कम रिकॉर्ड की गई. ज्यादा ठंड को देखते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र डॉ. बद्रीनाथ सिंह ने जनपद वासियों से अपील की है कि ठंड के मौसम में यदि कोई भी गरीब अथवा असहाय व्यक्ति खुले में सोता हुआ दिखाई दे, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी रेन बसेरा अथवा प्रशासन को दें. उन्होंने सभी उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया है कि वह रात्रि कालीन भ्रमण कर अपने-अपने क्षेत्रों में अलाव एवं रैन बसेरों की व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करें. उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन, प्रमुख चट्टी चौराहों, वह भीड़भाड़ वाले स्थानों के पास रेन बसेरा की जानकारी देते हुए होर्डिंग सहित प्रचार- प्रसार की व्यवस्था की जाए. इसके अलावा उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए चिन्हित स्थलों पर अलाव निरंतर जलते रहे तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी गरीब अथवा असहाय व्यक्ति सड़क के किनारे न सोने पाए. उन्होंने जनपद में ठंड से बचाव हेतु सैकड़ों अलाव स्थल चिन्हित किए गए हैं तथा दर्जनों रैन बसेरे स्थापित किए गए हैं. साथ सभी ही उप जिलाधिकारी को निर्देशित किया गया है कि रात्रि कालीन भ्रमण के दौरान जरूरतमंद गरीब व असहाय व्यक्तियों को कंबल का वितरण सुनिश्चित करें।



