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बर्फीली हवाओं से ठिठुरा जनजीवन,पशुओं को ठंड से बचाने के लिए दिए निर्देश

समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। कड़ाके की ठंड के संग शुरू हुयी बर्फीली हवाओं से मंगलवार को आमजन संग पशु पक्षी भी ठिठुरने लगे।भगवान भाष्कर के दर्शन होने के उपरांत भी पूरे दिन ठंड से गलन का दायरा बढ़ता गया।दिन भर चली बर्फीली हवाओं ने पहाड़ों की ठंड का अहसास कराने का काम किया।पशुपालकों को अपने पशुओं को ठंड से बचाव की चिंता बढ़ गयी है।


गोआश्रय स्थल कुरौली में रखे गये निराश्रित गोवंशों को ठंड से बचाव के लिए अलाव जलाने हेतु लकड़ी और गोवंशों को शरीर ढकने के लिए जूट के बोरों से बने कोट पहनाये गये हैं।पशुचिकित्साधिकारी आशीष वर्मा ने बताया कि लगातार पड़ रही ठंड से पशुपालक पशुओं को बचाने का उचित इंतजाम करें।ताजा पानी पिलायें। चारो तरफ से पर्दे लगाकर पशुपालक भाई ठंड हवाओं को रोकने का उपाय करें। खटाल को साफ सुथरा रखते हुए जमीन पर पुआल या जुट के बोरे बिछाएं।


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