google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

अंत:करण विशुद्ध था, भारत के भक्त थे दीनदयाल उपाध्याय : प्रद्युम्न त्रिपाठी

समाज जागरण/ तहसील संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता

सोनभद्र। साहित्य दीप संस्थान चुर्क के तत्वावधान में पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में शुक्रवार को रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित अधिवक्ता भवन में काव्य संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार ईश्वर विरागी ने की। मुख्य अतिथि कमलेश सिंह खांबे तथा विशिष्ट अतिथि अजय चतुर्वेदी कक्का रहे।


कार्यक्रम का शुभारंभ पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर माल्यार्पण एवं सुधाकर पांडेय ‘स्वदेश प्रेम’ की वंदना से हुआ। संचालन करते हुए प्रद्युम्न त्रिपाठी एडवोकेट ने दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित पंक्तियां सुनाकर श्रोताओं की खूब वाहवाही बटोरी।कवि दिलीप सिंह ‘दीपक’, सुधाकर पांडेय ‘स्वदेश प्रेम’, अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’, अशोक तिवारी एडवोकेट, राकेश शरण मिश्र एडवोकेट, प्रभात सिंह चंदेल, दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ’ सहित अन्य कवियों ने देशभक्ति, सामाजिक सरोकार, हास्य- व्यंग्य एवं समसामयिक विषयों पर रचनाएं प्रस्तुत कर माहौल को काव्यमय बना दिया। मुख्य अतिथि कमलेश सिंह खांबे ने दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय एवं दरिद्र नारायण की विचारधारा पर प्रकाश डाला।


अध्यक्षीय संबोधन में ईश्वर विरागी ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का समापन भावपूर्ण माहौल में किया। इस दौरान विवेक चतुर्वेदी, मदन चौबे एडवोकेट, दयानंद दयालू, सुशील मिश्रा सहित जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, त्रिपुरारी मिश्रा, ऋषभ त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Leave a Reply

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)