समाज जागरण संवाददाता।
देश के रक्षामंत्री ने कहा कि कोई भी समाज तभी शांति और प्रगति की ओर बढ़ सकता है, जब उसके भीतर सुरक्षा, न्याय और विश्वास की भावना सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि इस भावना को कायम रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारे पुलिस बलों के कंधों पर होती है, जो समाज में शांति, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिन-रात तत्पर रहते हैं।

रक्षामंत्री ने कहा कि “अगर सेना देश की रक्षा करती है, तो पुलिस समाज की रक्षा करती है। जैसे सेना भारत की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करती है, वैसे ही पुलिस भारत की सामाजिक अखंडता की रक्षा करती है।”
उन्होंने कहा कि देश की पुलिस व्यवस्था न केवल कानून-व्यवस्था की संरक्षक है, बल्कि समाज में विश्वास, न्याय और भाईचारे की भावना को सशक्त करने वाली शक्ति भी है। रक्षामंत्री ने पुलिस बल के सभी अधिकारियों और जवानों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका समर्पण, अनुशासन और सेवा-भाव ही देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है।



