दो राष्ट्रीय कृत बैंकों के बीच लूटते ए टी एम धारक
उमरिया –भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा नौरोजाबाद में एक पेंशन भोगीं शिक्षक के खाते में से नौ हजार पांच सौ रुपए खाते से गायब होने की शिकायत दर्ज कराई गई है ।बताया जाता है कि सेवा निवृत्त शिक्षक भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा नौरोजाबाद के बैंक खाते नंबर पर जारी ए टी एम कार्ड से दिनांक 15-7-24 को सैन्टल बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिनौरा के ए टी एम मशीन से राशि आहरण करने गये और उन्होंने तीन बार , सफलतापूर्वक राशि आहरित की।,जब चौथी बार उन्होंने राशि आहरण करने की प्रक्रिया पूर्ण की तो प्रक्रिया पूर्ण होते ही ए टी एम मशीन बन्द हो गई और उन्होंने जो राशि आहरण करने की प्रक्रिया की थी वह धन राशि नौ हजार पांच सौ रुपए ए टी एम से राशि प्राप्त नहीं हुई, जबकि राशि बैंक खाते से आहरित बता कर बैंक खाते के जमा पूंजी से घटा दी गई । ऐसा होने से बैंक खाते दार ने अपने बैंक खाते में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर 9575299337 के माध्यम से घटना दिनांक के दुसरे दिवस कस्टमर केयर नंबर पर आप बीती की शिकायत दर्ज कराई गई , जिसका शिकायत नंबर। 476241 881 पर दर्ज कर दो दिवस के अन्दर राशि बैंक खाते में वापस आने की बात कहकर खाते दार को संतुष्ट किया गया , लेकिन राशि वापस नहीं आने पर 27-7-24 को जब दोबारा कस्टमर केयर में अनुरोध किया गया, तो पुनः दो दिवस का अवसर मांगा गया।
इस अर्जी मिन्नत से कोई लाभ नहीं होने के पश्चात बेचारे खाते दार 01 अगस्त, 12 अगस्त और 19 अगस्त 24 को लगातार अपने संचित पूंजी के वापस दिलाने का अनुनय विनय करते रहे , लेकिन अब तक उनकी राशि वापस नहीं हो पायी । स्टेट बैंक का प्रबंधन सेंट्रल बैंक भेजता है और सेंट्रल बैंक का प्रबंधन स्टेट बैंक भेजता है 15 जुलाई से लेकर आज दिनांक तक समस्या का हल नही करा पाए।
इतना ही नहीं सेवा निवृत्त शिक्षक अपनी इस फरियाद को लेकर भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक नौरोजाबाद से क्रमश तीन बार और सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा पिनौरा के शाखा प्रबंधक से मिलकर अपनी बात रखते हुए अनावश्यक रूप से खाते से घटाई गई राशि को वापस कराने की गुजारिश की गई। खातेदार ने चौथे बार उक्त दोनों बैंक प्रबंधकों से मिलकर धन राशि वापस दिलाने का आवेदन पत्र दिया है, फिर भी अभी तक उनके जायज मांग का समाधान नहीं हो पा रहा।इस तरह देखा जाये तो एक उपभोक्ता दो बैंकों के चक्कर लगाते घूम फिर रहा है , और उसके कमाई की धनराशि वापस दिलाने के लिए कोई जिम्मेदारी न लेते हुए ग्राहकों को लुटने के लिए विवस है।
आश्चर्यजनक कहा जाये कि उक्त दोनों राष्ट्रीयकृत बैंक में इस तरह की गड़बड़ी होने से खातेदारों को गहरी चोट पहुंची है इन बैंकों में जिन उपभोक्ताओं की जमा पूंजी है,वह सब खबराये हूए है कि अगर ख्याति लब्ध बैंक अपने खातेदारों की जमा राशि में इस तरह गफलत करने पर आमादा है तो लोग कैसे सुरक्षित रह पायेंगे ।
देश भर में अपनी विशिष्ट सैवाओ और ग्राहकों के बीच साख स्थापित बैंक अपनी ओछी हरकतों से अगर बाज नहीं आते तो इनकी साख को मिटते देर नहीं लगेगी ।
देखना लाजिमी होगा कि आखिर कार बैंक प्रबंधन की अनुदार नीति का खामियाजा खातेदारों को ही भुगतना पड़ेगा कि शिकायत के समाधान के लिए आवश्यक पहल कर अपनी साख को अमिट बनाने की दिशा में कदम उठायेंगे ।
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