
– मृतका का ससुराल मऊ जनपद के हलधरपुर बिलौझा, जबकि मायका बलिया जनपद के नगरा थाना के चचाया गांव
– फौजी पति की मौत के बाद प्रेमी आरिफ के संपर्क में आई थी चंदा
– खुद को हिंदू बता एंबुलेंस चालक आरिफ चंदा को लेकर चला गया था कौशांबी
आशुतोष चतुर्वेदी, ब्यूरो चीफ
दैनिक समाज जागरण
मऊ : कौशांबी जनपद के पश्चिम शेरा कोतवाली इलाके में अषाडा गांव में करीब 7 वर्ष पहले प्रेमी के साथ रह रही मऊ जिले की चंदा सिंह की मंगलवार को गला दबाकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद चंदा को छोड़कर प्रेमी फरार हो गया। घटना की जानकारी के बाद अषाडा पहुंची मृतका की मां ने प्रेमी पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने का आरोप लगाया, बताया कि प्रेमी उसकी पुत्री चंदा को उमरा कहकर बुलाता था।बलिया जिले के नगरा कोतवाली इलाके के चचाया गांव की श्रीमती पत्नी राम श्रृंगार सिंह ने बताया कि उसकी 35 वर्षीय पुत्री चंदा सिंह की शादी मऊ जिले के हलधरपुर कोतवाली इलाके के निवासी दुर्गेश सिंह के साथ हुई थी। दुर्गेश सिंह फौज में करीब 8 वर्ष पहले दुर्गेश की मौत हो गई। चंदा की दो बेटी सृष्टि सिंह और बरखा सिंह है। बड़ी बेटी सृष्टि 12 वर्ष की है। पति की मौत के बाद परिवार का खर्च चलाने के लिए चंदा ने मऊ के भलईपुर ब्यूटी पार्लर खोल लिया था। इसी दौरान चंदा सिंह की मुलाकात रतनपुरा के जोगापुर पीएचसी में 108 एंबुलेंस के चालक मोहम्मद आरिफ से हुई।
उस समय आरिफ ने खुद को हिंदू बताया था और चंदा को कौशांबी में जमीन खरीदने और व्यवसाय का लालच देकर अपने साथ लेकर चला गया। आरिफ कौशांबी के महेवा घाट कोतवाली इलाके के मिरदहन का पुरवा का रहने वाला है। श्रीमती के मुताबिक सप्ताह भर पहले चंदा ने फोन कर बताया कि मिरदहन का पुरवा में पंचायत बुलाई गई थी। इसमें एक मौलवी ने चंदा को धर्म परिवर्तन के लिए कहा था बेटी के इनकार करने पर पंचायत में चंदा के साथ मारपीट की गई। मंगलवार रात फोन पर पता चला कि चंदा की तबीयत खराब है और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। श्रीमती ने घटना की तहरीर पुलिस को दी।

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