शिवगंज(राजस्थान):- केवल पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में अधिगम संवर्धन कार्यक्रम के तहत अस्थायी शिक्षक नियुक्त करने के लिए पृथक से बजट जारी किया जाना व दुसरे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी रिक्त पद अधिक संख्या में खाली होने के लिए बजट नही होना सौतेले व्यवहार की ओर इशारा करता है। राजस्थान शिक्षक संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को अविलम्ब हस्तक्षेप कर राज्य के सभी राजकीय विद्यालयों में छात्र अनुपात के आधार पर रिक्त पदों पर अस्थायी शिक्षक लगाने के लिए पीएमश्री की तर्ज पर अन्य विद्यालयों में भी लगाने के निर्देश व बजट जारी करने की पुरजोर शब्दों में मांग की है।
राजस्थान शिक्षक संघ(प्रगतिशील)के जिला प्रवक्ता गुरुदीन वर्मा के अनुसार संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने ज्ञापन में बताया है कि राजस्थान शिक्षा परिषद जयपुर ने छात्र अनुपात के आधार पर केवल पीएमश्री विद्यालयों में रिक्त पद के विरुद्ध अस्थायी शिक्षक लगाने के लिए प्रति घंटे के हिसाब से तीन सौ रूपये में शिक्षक लगाने का पृथक से बजट जारी किया। क्या केवल पीएमश्री में ही विद्यार्थी पढते हैं, अन्य महात्मा गाँधी विधायकों व राजकीय सीनियर उच्च माध्यमिक विद्यालया में शिक्षको की भारी कमी महसूस की जा सकती है। राज्यभर में सवा लाख से अधिक विभिन्न संवगो के पद खाली है। ऐसे में राजकीय विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी से विद्यालय झुंज रहे है। इसके बावजूद भी केवल पीएम श्री विद्यालयों में ही उपचारात्मक शिक्षण के तहत अधिगम संवर्द्धन के तहत अस्थायी शिक्षक की नियुक्ति का बजट जारी किया गया है। अन्य विद्यालयों वाले छात्र-छात्राए के साथ इस तरह का सौतेले व्यवहार पर संगठन ने नाराजगी जताकर बच्चों के प्रति समान व्यवहार किया है। पूर्व में राजकीय विद्यालयों में उपचारात्मक शिक्षक के लिए भी समान रूप से अस्थायी शिक्षक लगाने का बजट जिससे बच्चों की पढ़ाई शिक्षकों के रिक्त पदो की वजह से प्रभावित नहीं हो, जब तक नई भर्ती का कार्य प्रारम्भ होकर नई नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक राज्य के सभी विद्यालयों के लिए छात्र अनुपात में एक मुश्त बजट जारी करवाकर शिक्षण व्यवस्था सुंचारू बनाया जाये।
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