
संवाददाता गजेन्द्र कुमार जिला गया बिहार
मामला बुनियादगंज थाना क्षेत्र के सौंधी गांव का है जो बीते दो माह पूर्व बॉयज कोचिंग सेन्टर से घर लौटने के क्रम बुनियादगंज थाना गेट के समीप से ही गुम हो गया था दिवांशु राज की मां लाेमा कुमारी ने थाना में आवेदन देकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी! लेकिन आज तक पुलिस प्रशासन खोजने में नाकाम साबित हो रही है तो फिर गया में क्राइम कंट्रोल कैसे करेगी? 60 दिन बीतने के बाद भी पुलिस एक खोए हुए बच्चे को ढूंढने में कामयाब नहीं हो सकी, उसे जमीन निगल गई या आसमान उड़ा ले गई? प्रत्येक दिन पुलिस प्रशासन से बच्चे की कुशल वापसी के लिए आग्रह तथा बिनती करती रहती हूं लेकिन प्रशासन कान में तेल डालकर घोर निंद्रा में डूब चुकी है कौन मेरे बच्चों को ढूंढ कर लाएगा प्रशासन या राहगीर ? कब तक मेरे बच्चे को प्रशासन ढूंढ पाएंगी? कितने दिनों तक मैं थाना का चक्कर लगाती रहूंगी? समझ में नहीं आता है एक तरफ पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की घटना या दुर्घटना होने पर पुलिस को सूचना देने के लिए वरीय अधिकारी सलाह देते है तो वही पुलिस के द्वारा घोर लापरवाही बरती जाती है जिससे आए दिन समाज में अनेक तरह की पुलिस प्रशासन के खिलाफ विचार, भावना उत्पन्न होने लगी हैं और जनता का भी भरोसा पुलिस पर खत्म होता जा रहा है। वरीय अधिकारियों से मिलने के बाद भी अब तक बच्चे को ढूंढ नहीं पाई है पुलिस! जो आए दिन सवालों के घेरे में है पुलिस प्रशासन की खाकी वर्दी पहने है जवान! क्या पुलिस प्रशासन सिर्फ दिखावे के लिए तैनात किया गया है या जनता की सेवा करने के लिए?
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