प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से हस्तक्षेप की मांग
श्रीभूमि संवाददाता, दैनिक समाज जागरण:
असम के श्रीभूमि जिले के दुल्लभछड़ा क्षेत्र में सिंघला नदी पर बनाए जा रहे आरसीसी ब्रिज का निर्माण कार्य वर्षों बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। काम की धीमी रफ्तार और विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण स्थानीय नागरिकों, विशेषकर स्कूली छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, बराक घाटी क्षेत्र का यह एकमात्र प्रमुख पुल है, जिसका निर्माण लगभग एक वर्ष पूर्व पूरा हो जाना चाहिए था। लेकिन विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की सुस्ती के चलते आज तक पुल अधूरा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर मात्र 3-4 कर्मचारी काम कर रहे हैं, जिससे परियोजना की प्रगति नाममात्र की है।
दुल्लभछड़ा, निविया, चेराग़ी, रंगपुर सहित आसपास के सैकड़ों गांवों के लोग इस मार्ग पर निर्भर हैं। पुल अधूरा रहने के कारण नागरिकों को सबवे होकर आना-जाना पड़ता है, जिसमें 30 से 50 मिनट तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। इससे अक्सर वाहन चालकों और राहगीरों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि रात के समय पुलिस प्रशासन यातायात नियंत्रण में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, परंतु पुल निर्माण की गति नहीं बढ़ाई जा रही है। लोगों का कहना है कि यह जनजीवन को प्रभावित करने वाला गंभीर मुद्दा बन गया है।
आक्रोशित नागरिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा तथा स्थानीय विधायक विजय मालाकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्दोष जनता के धैर्य की परीक्षा लेना अनुचित है, इसलिए सरकार को तत्काल सख्त कदम उठाकर इस पुल को शीघ्र पूर्ण कराना चाहिए।



