इको प्रिज़्म कलेक्टिव फ़ाउंडेशन द्वारा किसानों को फसल विविधीकरण का प्रशिक्षण

समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
इको प्रिज़्म कलेक्टिव फ़ाउंडेशन, बेनीपुर खुर्द द्वारा शुक्रवार को कुल 38 किसानों को फसल विविधीकरण विषय पर प्रशिक्षण हेतु कृषि विज्ञान केन्द्र, कालीपुर ले जाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत संस्था के प्रतिनिधि संजय पटेल ने अपने व किसानों के परिचय के साथ की।
प्रशिक्षण के पहले सत्र में डॉ. प्रतिक्षा (वैज्ञानिक, होम साइंस) ने किसानों को फूड प्रिज़र्वेशन—कैचप, मुरब्बा आदि—की तकनीकें सिखाईं। उन्होंने बताया कि विविधीकरण का अर्थ केवल ड्रैगन फ्रूट नहीं, बल्कि मिलेट्स (मोटा अनाज) जैसी पोषक फसलों को अपनाना भी है। उन्होंने मिलेट्स के पोषण मूल्य पर विस्तृत चर्चा की।
इसके बाद वैज्ञानिक अमितेश (कृषि सस्य विज्ञान) ने स्ट्रॉबेरी की खेती, क्रॉपिंग पैटर्न, क्रॉप रोटेशन और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम पर महत्वपूर्ण जानकारी दी।
वैज्ञानिक राहुल (प्रसार शिक्षा) ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, मशीनीकरण और ड्रैगन फ्रूट की खेती की जलवायु, उपयुक्त प्रजाति, सिंचाई और बुआई समय जैसी तकनीकी बातों से अवगत कराया।
प्रधान वैज्ञानिक नवीन (प्लांट पैथोलॉजी) ने धान में लगने वाले विभिन्न रोगों एवं कीटों की रोकथाम पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। किसानों द्वारा पूछे गए प्रश्न, विशेषकर मिली बग रोग को लेकर उठाए गए संदेहों का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण के अंत में वैज्ञानिक मनीष (हार्टिकल्चर) के नेतृत्व में फील्ड विजिट कराया गया, जहां किसानों ने नई तकनीकों और फसलों को प्रत्यक्ष रूप से देखा। किसान अपनी शंकाओं को वैज्ञानिकों से पूछते रहे और उन्हें संतोषजनक उत्तर भी मिले।
इस प्रशिक्षण में अशोक, महादेव, रीता, रेखा, हरीश, शिवकुमार, समारू, रवि, अरविंद, अखिलेश सहित कई किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और इसे अपने खेती के अनुभवों में लाभकारी बताया।

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