सुनील बाजपेई
कानपुर। शहरों और गांव के विकास के लिए मिलने वाले सरकारी धन को जालसाजी, धोखाधड़ी और कूट रचना के माध्यम से एक राय होकर हड़प करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे ही एक मामले में आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 409 ,419 ,420 ,467,468 ,471,504 और 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर जाने के बाद पुलिस ने मामले की विवेचना जांच शुरू कर दी है। डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफ आई आर में लगाए गए आरोपों के मुताबिक 1.25 करोड़ की यह सरकारी धनराशि पूर्व सांसद की अनुशंसा पर 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु उपलब्ध कराई गई थी ,जिसे विभिन्न व्यक्तियों के नामों से खातों से निकाल लिया गया।
भारतीय को आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लालबाग लखनऊ के अध्यक्ष एवं निदेशक पद के लिए भी निर्वाचित रहे जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा कोतवाली बस्ती में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक़ वर्ष 2018 में पूर्व सासंद हरीश द्विवेदी की अनुशंसा पर वर्ष 2018 में नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली से निगमित सामाजिक दायित्व के अन्तर्गत 10 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त हुए थे ,जिसे भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड बस्ती की बैंक आफ इन्डिया शाखा बस्ती में एकाउन्ट खोलकर जमा किये गए थे।
एफ आई आर के अनुसार पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय बेलसर जिला गोण्डा, आशीष कुमार पाठक पुत्र मथुरा प्रसाद इस्माइलगंज इण्डस्ट्रीयल एरिया लखनऊ के संयुक्त हस्ताक्षर से संचालित इसी खाते से पवन कुमार पाण्डेय पुत्र गिरीश दत्त पाण्डेय, आशीष कुमार पाठक, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, मो0 आमिर आदि द्वारा एक राय होकर मिली भगत करते हुए खाते से भिन्न भिन्न व्यक्तियों के नाम से सामुदायिक भवन निर्माण हेतु 1.25 करोड रूपये प्राप्त धनराशि खाते से निकाल ली।
आरोपों के मुताबिक इसके उपरान्त नार्दन कोल्ड फील्ड सिंगरौली के सभी कार्य पूर्ण नहीं होने के बाद भी कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र जमा कर दिया गया। जबकि निर्माण कार्यों के पूरा नहीं होने से संबंधित कई शिकायती पत्र ग्राम प्रधान द्वारा पहले ही भेजे जा चुके थे।
जान से मारने की धमकी और गाली गलौज करने का भी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराने वाले अध्यक्ष और निर्वाचित निदेशक भी रहे दहिलामऊ सिविल लाइन प्रतापगढ़ निवासी जीतेन्द्र कुमार अग्रवाल के मुताबिक उपरोक्त सभी ने भारतीय को-आपरेटिव ग्रामीण विकास एवं निर्माण लिमिटेड लिमिटेड लालबाग लखनऊ की छवि खराब करने के साथ-साथ जालसाजी कर कूटरचित अभिलेख तैयार करते हुए धनराशि का गबन धोखाधड़ी, अवैध लेनदेन और हेरा फेरी की है। अवगत कराते चलें कि संबंधित मामले में इसके पहले भी दो और मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। फिलहाल पुलिस अग्रिम कार्रवाई के लिए मामले की गहन विवेचना में लगातार जुटी हुई है।
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