*कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन…?*
अनूपपुर । अनूपपुर यार्ड में बीके-61 फाटक में निर्मित हो रहे फ्लाई ओवर ब्रिज के कार्य ने तेजी पकड़ ली है।उम्मीद है वर्ष 2026 में लगभग 9 वर्षों बाद आम जनता को समर्पित हो जाएगा।दो बड़ी-बड़ी क्रेन के माध्यम से गर्डर लॉन्चिंग कार्य अंतिम पायदान पर है।वही सेतु निगम का कार्य भी धीरे-धीरे एक दिशा में प्रारंभ हो चुका है।जिससे जनमानस को विश्वास हो गया है कि वर्ष 2026 में लंबे इंतजार के बाद यह फ्लाई ओवर ब्रिज जनता को समर्पित हो जाएगा।

शहर की बहुप्रतीक्षित रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज की परियोजना ने अब स्पष्ट रूप से गति पकड़ ली है।लंबे समय से केवल मुख्य ढांचे तक सीमित रहे निर्माण कार्य के बाद अब फ्लाईओवर के बाहरी हिस्सों में भी काम शुरू कर दिया गया है।आवश्यकता है जिला प्रशासन इस पर अपनी कड़ी नजर रखें।
इससे न सिर्फ परियोजना के समय पर पूर्ण होने की उम्मीद बढ़ी है,बल्कि आम जनता को भविष्य में बेहतर यातायात सुविधा मिलने का भरोसा भी जगा है।रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज का निर्माण शहर के उस हिस्से में किया जा रहा है,जहां रेलवे फाटक के कारण आए दिन लंबा जाम लगना आम बात रही है।जहां पर आम पब्लिक के साथ मंत्री एवं मरीज भी जाम में फंस जाते थे।
सुबह-शाम कार्यालय समय,स्कूल खुलने और बंद होने के दौरान तथा आपात स्थितियों में यह जाम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता था।एम्बुलेंस फायर ब्रिगेड और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी कई बार रेलवे फाटक बंद होने के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।इन्हीं समस्याओं को देखते हुए फ्लाई ओवर निर्माण की योजना बनाई गई थी।
रेलवे फलाईओवर (बीके-61 फाटक)जिला मुख्यालय में बनने के लिए वर्ष 2016 में लगभग 9 वर्षों पूर्व इसकी घोषणा हुई थी।जिसके बाद कार्य को प्रस्तावित होने में समय तो लगा ही साथ ही निर्माण शुरू करने में शिलान्यास किया गया तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के विधायक रामलाल रौतेल को अपने ही पार्टी के खिलाफ अनशन तक करना पड़ा है।इस 9 वर्षों का सफर नगर के लोगों के लिए कठिनाई भरा रहा है।कई बार फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण का शिलान्यास अलग-अलग लोगों ने किया।
अब तक निर्माण एजेंसी द्वारा फ्लाईओवर के पिलर, गर्डर और मुख्य संरचना से जुड़े कार्य तेजी से किए जा रहे थे।हाल ही में बाहरी हिस्सों में भी काम शुरू कर दिया गया है,जिसमें सर्विस रोड,साइड स्लोप,रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज सिस्टम और संपर्क मार्गों का निर्माण शामिल है। रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज के बाहरी हिस्सों में कार्य शुरू होने से परियोजना अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है।यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जल्द ही निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।रेलवे फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण के बाहरी हिस्सों में कार्य शुरू होना शहर के लिए एक सकारात्मक संकेत है।अब लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माण कार्य कितनी तेजी और गुणवत्ता के साथ पूरा होता है।
अभी हाल ही में बिलासपुर रेल मंडल प्रबंधक राकेश रंजन ने फ्लाईओवर ब्रिज का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया एवं गर्डर लॉन्चिंग कार्य से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।जिसके बाद कार्य और तेजी से प्रारंभ हो गया।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर मंडल के अनूपपुर यार्ड में स्थित समपार संख्या बीके-61 पर निर्माणाधीन रोड ओवर ब्रिज के कार्य में एक महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया है।इस क्रम में 54 मीटर लंबी आधुनिक बो-स्ट्रिंग गर्डर की लांचिंग से पूर्व 02 रोलिंग बीम का स्थापना कार्य पूर्ण किया गया।
यह रोड ओवर ब्रिज बहु-रेल लाइनों के ऊपर से सड़क यातायात को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।रेल परिचालन पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बो-स्ट्रिंग गर्डर की स्थापना अंडर-लांचिंग विधि से की जा रही है,जिससे रेल यातायात को लंबे समय तक बाधित किए बिना निर्माण कार्य संभव हो सके।
रोलिंग बीम की स्थापना के उपरांत,उच्च क्षमता वाली विंच मशीन की सहायता से बो-स्ट्रिंग गर्डर को नियंत्रित एवं चरणबद्ध तरीके से अपने निर्धारित स्थान पर स्थापित किया जा रहा है।यह विशेष तकनीक सक्रिय रेल पटरियों के ऊपर कार्य करते समय संरचनात्मक सुरक्षा, स्थिरता एवं सटीकता सुनिश्चित करती है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश एवं मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के मार्गदर्शन में यह संपूर्ण कार्य रेलवे के अनुभवी अभियंताओं की कड़ी निगरानी में,निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करते हुए तथा सुव्यवस्थित ट्रैफिक ब्लॉकों के माध्यम से किया जा रहा है।
उन्नत निर्माण तकनीकों के उपयोग से रेलवे द्वारा बीके-61 रोड ओवर ब्रिज परियोजना को सुरक्षित, सुचारु एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने की प्रतिबद्धता को बल मिलेगा। यह परियोजना पूर्ण होने के उपरांत क्षेत्रीय सड़क यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ रेल एवं सड़क दोनों की संरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि करेगी।
*कार्य स्थल पर*
*सुरक्षा मानकों का*
*नहीं हो रहा पालन…?*
देखा जा रहा है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा…? जिससे कभी भी कोई भयावह दुर्घटना घटित हो सकती है।शार्ट कट वाले सिद्ध बाबा आरपीएफ बैरक के पास वाले पुराने ब्रिज को हटा देने से फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण कार्य वाले रास्ते का उपयोग कर रहे हैं।जहां पर सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है,एवं कार्य चल रहा है।इस मार्ग से आम जनता के साथ स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं का आवागमन भी हो रहा है और इस वक्त तेजी से जो कार्य चल रहा है वहां सुरक्षा मानको का ध्यान रखना अति आवश्यक है।अच्छा हो कार्य स्थल से कुछ दूरी को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया जाए।जिससे कोई भी इस मार्ग का उपयोग न कर सके।
*भगवा पार्टी की*
*महत्वपूर्ण भूमिका*
फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की धीमी गति को लेकर निरंतर भारतीय गण वार्ता पार्टी (भगवा पार्टी) द्वारा धार्मिक आयोजनों के माध्यम से रेलवे एवं सेतु निगम सहित जिला प्रशासन को सचेत करने के लिए ईश्वर का सहारा लेकर कार्यक्रम कराया जा रहा है।
भगवा पार्टी के जिला अध्यक्ष पं. कन्हैयालाल मिश्रा ने कहा कि सनातन संस्कृति में जब कोई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय तक बाधित रहता है,तब ईश्वर से मार्गदर्शन हेतु यज्ञ,मंत्रोच्चारण एवं हनुमान चालीसा पाठ किया जाता है।उन्होंने कहा, “कवन सो काज सकल जग माहीं,
जो नहि होय तात तुम पाहिं”इसी भावना के साथ यह आयोजन किया गया है,ताकि वर्षों से लंबित फ्लाईओवर ब्रिज निर्माण शीघ्र पूर्ण हो सके और नगरवासियों को राहत मिल सके।विधिवत हवन-यज्ञ एवं प्रसाद वितरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी आगामी योजना में सुंदरकांड का पाठ एवं इसके पश्चात लंका दहन का कार्यक्रम भी निश्चित है जिसे आने वाले समय में किया जाएगा।



