शहडोल युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष के लिए हो रही जोर आजमाइश


समाज जागरण  विजय तिवारी
शहडोल।नवनियुक्त युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर की ताजपोसी के बाद युवा मोर्चा का अध्यक्ष कौन बनेगा इसके लिए जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है। शहडेल में किन नामों पर चलेगी, यह आज जिले की राजनीति का सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।

मध्य प्रदेश में सत्ता की बिसात बिछने के बाद अब संगठन में भी कब्जे की जंग शुरू हो चुकी है। शहडोल भाजपा में जिला अध्यक्ष की कुर्सी के लिए विक्रम वैभव सिंह, जानू छाबड़ा, सिल्लू रजक, अनुराग शुक्ला, सौरव गोले, आशीष तिवारी,  अभिषेक तिवारी, आदित्य पांडे और आशीष गुप्ता जैसे कई युवा नेताओं के नाम की चर्चा दावेदारों के रूप में प्रमुखता से निकलकर सामने आई है। बकहो नगर परिषद के उपाध्यक्ष विक्रम वैभव सिंह और शहडोल नगर पालिका के पार्षद मिभू रजक ने जमीनी स्तर पर काम करके और चुनाव जीतकर अपने नाम का लोहा मनवाया है। युवाओं के बीच इनकी पैठ निश्चित रूप से शामिल हैं।


जिले के युवा नेता अपने-अपने अंदाज में सक्रिय दिख रहे हैं और कई नाम चर्चाओं के बाजार में दावेदारों के रूप में उभरकर सामने आए हैं। इन संभावित नामों ने सोशल मीडिया से लेकर बड़े नेताओं के दरबार तक दस्तक देना शुरू कर दिया है, जिससे चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है।युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के दावेदार जानू छाबड़ा के पास एक ऐसी राजनैतिक विरासत है जिस पर किसी की भी ना हो सकता है, पिता पूर्व जिला अध्यक्ष और माता वर्तमान में नगर पालिका अध्यक्ष हैं।

इस मज‌बूत पृष्टभूमि ने उन्हें चर्चाओं के शीर्ष पर रखा है।  अन्य दावेदार विक्रम वैभव सिंह को भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा के साथ उनके गहरे पारिवारिक संबंधों का भी मजबूत सहारा मिल रहा है।अधिवका अनुराग शुक्ला को संगठन में गहरी पैठ रखने वाला और प्रखर वक्ता माना जाता है। सांगठनिक सक्रियता और बड़े नेताओं से मधुर संबंध उनकी एक मजबूत सकारात्मक छवि पेश करते हैं। लेकिन उनकी दावेदारी के साथ एक हिंसक दाग भी जुड़ा है। एक प्रतिक्षित परिवार के साथ हुई उनकी मारपीट का मामला, जिसके तार सोधे विधायक अभिलाष पांडे की ससुराल से जुड़े हैं, उनको गले की फांस बन चुका है।

श्याम टेलर का अभिलाष पांडे के साथ पुराना सांगठनिक जुड़ाव अनुराग के लिए भरोसा बीतना कठिन बना सकता है।एबीबीपी पृष्ठभूमि से निकले सौरव गीले और आशीष तिवारी संगठन के मंझे हुए सिपाही माने जाते हैं। आशीष तिवारी ने अपनी मेहनत और कार्यक्षमता से युवा मोर्चा में एक खास पहचान बनाई है और संगठन के कार्यों में उनकी सक्रियता की सराहना भी होती है।

लेकिन सौरव गोले के साथ तकनीकी समस्या यह है कि वे वर्तमान में मुख्य संगठन में ‘जिला मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, जिससे उनका दोवारा मोचों में आना मुश्किल लग रहा है।  इसके अलावा, धनबल और स्वतंत्र राजनीतिक पृष्ठभूमि की कमी भी इन दीनों के लिए एक चुनौती चनी हुई है।दबी जुबान में आदित्य पांडे, अभिषेक तिवारी और प्रभात त्रिपाती जैसे नाम भी रेस में चर्चाओं में हैं।

युवा मोर्चा का अगला जिला अध्यक्ष कौन होगा यह अभी भविष्य के गर्भ में है, लेकिन कुछ निर्णायक पहलू इस खेल को पूरी तरह पलट सकते हैं। वर्तमान भाजपा जिला अध्यक्ष अमिता चपरा की व्यक्तिगत पसंद और उनके पारिवारिक समीकरण किसके पाले में गेम शिफ्ट करते हैं, यह देखना दिलबस्य होगा। वहीं शहडोल की सिटिंग विधायक और भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा सिंह की मौन स्वीकृक्ति या सक्रिय समर्थन किसका साथ देती है, यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।  इन तमाम बड़े राजनेताओं और धुरंधरों के आपसी शह-मात के खेल के बीच ही यह तय होगा कि युवा मोचों की कमान किसी ‘प्यादे’ को मिलेगी या फिर किसी असली ‘खिलाड़ी’ का राजतिलक होगा।

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