संदीप गर्ग / नोएडा: इस वर्ष इस्कॉन नोएडा मन्दिर अपनी बारहवीं वर्षगांठ मना रहा है। आज से बारह वर्ष पूर्व भगवान नित्यानन्द के अवतरण दिवस – नित्यानन्द त्रयोदशी को इस्कॉन नोएडा मन्दिर का भव्य उद्घाटन एवं लोकार्पण किया गया था। नित्यानन्द प्रभु भगवान बलराम के अवतार हैं। जिस प्रकार द्वापर युग के अन्त में कृष्ण बलराम धर्म की स्थापना के लिए अवतरित हुए थे, उसी प्रकार वर्तमान कलियुग में आज से लगभग 500 वर्ष पूर्व धर्म की स्थापना हेतु कृष्ण बलराम – चैतन्य महाप्रभु तथा नित्यानन्द प्रभु के रूप में अवतरित हुए। नित्यानन्द प्रभु घर-घर जाकर सभी से भगवान के पवित्र नाम का जप करने का निवेदन किया करते थे। इसी उपलक्ष्य में आज रविवार 01 फरवरी 2026 को कीर्तन मेले का आयोजन किया गया।
इस कीर्तन मेले में इस्कॉन के विश्व प्रसिद्ध कीर्तनियों ने आज प्रातः 10 बजे से सांय 10 बजे तक अखण्ड कीर्तन किया। और जैसा कि इस्कॉन के संस्थापकाचार्य कृष्णकृपामूर्ति श्री श्रीमद ए. सी. भक्तिवेदान्त स्वामी श्रील प्रभुपाद कहते थे कि हरे कृष्ण का जप कीजिए और प्रसन्न रहिए, हरे कृष्ण महामंत्र के सुमधुर कीर्तन पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया और आनन्द लिया।
इस अवसर पर देश विदेश के अनेकों भक्तों के साथ साथ श्रील प्रभुपाद के निजी शिष्यों – श्रीमान श्रुतकीर्ति प्रभु एवं श्रीधाम प्रभु ने भाग लिया। अपने संवादात्मक सत्र के माध्यम से भक्तों को सम्बोधित करते हुए प्रभुजी ने श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने पर बल दिया तथा इस्कॉन के घर घर में भक्ति पहुंचाने के संकल्प को दोहराया।
पूरे दिन भर में 5000 से अधिक भक्तों ने इस कीर्तन मेले में भाग लिया। पूरे दिन भर सभी भक्तों ने कीर्तन के साथ साथ स्वादिष्ट प्रसादम ग्रहण किया। कुल मिलाकर कीर्तन मेला बड़े ही हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।



