ग्रेटर नोएडा हो या नोएडा प्राधिकरण भ्रष्टाचार अपने चरम पर है, सुप्रीम कोर्ट के तल्ख टिप्पणी के बावजूद भी प्रदेश के योगी सरकार प्राधिकरण के नौकरशाही और अफसरशाही के सामने नतमस्तक है। नोएडा पुलिस कमीशनरेट की क्या मजाल है कि प्राधिकरण के फोर्थ क्लास के कर्मचारी के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कर ले।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण : ताजा मामला पतवाड़ी गाँव की है जहाँ कि एक किसान ने प्राधिकरण के अधिकारी को रिश्वत देने के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीओ रितु महेश्वरी को पत्र लिखकर 6 लाख रुपये की उधारी की मांग की है। किसान ने अपने पत्र मे लिखा है “प्राधिकरण के एक अफसर को रिश्वत देनी है इसलिए आप मुझे 6 लाख रुपये उधार दे दें।” इस मामले में पीड़ित किसान नें सीएम योगी आदित्यनाथ और औद्योगिक विकास मंत्री को भी इस संबंध में पत्र लिखा है।
नोएडा ग्रेटर नोएडा पर तीखी नजर रखने वाली साइट ट्री सिटी.काॅम के अनुसार, ग्रेटर नोएडा वेस्ट का रहने वाले किसान टीकम सिंह ने ग्रेटर नोएडा आर्थारिटी की सीओ रितु महेश्वरी को पत्र भेजा है। टीकम सिंह ने पत्र मे कहा है कि प्रार्थी परिवार को पतवाड़ी मे पुरानी आबादी गलत अधिग्रहण होने के कारण लीजबैक में 6,000 वर्ग मीटर जमीन टीकम सिंह के परिवार को मिली है। जिसका खसरा नंबर 377 है। जमीन की लीजबैक करने के लिए फाइल ग्रेटर नोएडा आर्थारिटी के भूलेख विभाग में लंबे समय से लंबित पड़ी हुई है।
6 लाख रुपए रिश्वत मांग रहा है अफसर
टीकम सिंह ने सीओ को अवगत कराया है कि भूलेख विभाग में गोपनीय नियम है कि बगैर 1,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर लिए लीज बैक नही की जाती है। किसान टीकम सिंह का कहना है कि उन्होंने 64.7 प्रतिशत की धनराशी जमा करा दी है। अब भूलेख विभाग के अधिकारी 1 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से 6 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे है। इस रिश्वत को देने के लिए उनके पास में पैसे नही है। उन्होने सीओ रितु महेश्वरी से मांग की है कि उसे 6 लाख रुपये उधार दे दे । जिससे वह प्राधिकरण के अफसर को रिश्वत देकर अपनी समस्या का समाधान करा सकें।
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