अनिल कुमार अग्रहरि/ समाज जागरण
डाला/सोनभद्र। विकास खंड कोन अंतर्गत ग्राम पंचायत बरवाडीह में पंचायती राज अधिनियम की घोर अवहेलना का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर की गई शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम प्रधान द्वारा अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर नियमों के विपरीत भुगतान कराकर पंचायत धन का निजी हित में उपयोग व उपभोग किया गया है।
मामले की जांच उपरांत जनसुनवाई पोर्टल पर सहायक विकास अधिकारी, कोन सुनील पाल द्वारा दर्ज रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया। इसके आधार पर ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया था।
इसके बावजूद, निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस अग्रिम कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रशासनिक उदासीनता एवं संरक्षण के आरोप लग रहे हैं। यह स्थिति न केवल पंचायती राज अधिनियम, बल्कि शासनादेशों और वित्तीय अनुशासन के स्पष्ट उल्लंघन को दर्शाती है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि शीघ्र ही दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई नहीं की गई, तो वह माननीय न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा। प्रकरण ने पंचायत व्यवस्था की पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन की मंशा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
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