•~ पेयजल विद्युत शिक्षा आवागमन को लेकर की आवाज बुलंद, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। रावर्ट्सगंज विकास खण्ड के ग्राम पंचायत मारकुण्डी के टोला बनलही के सैकड़ो ग्रामीण ग्राम प्रधान उधम सिंह यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। इस बाबत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी सोनभद्र को एक ज्ञापन सौंप अबिलंब निस्तारण कराये जाने की मांग की।
सौंपे गये मांग पत्र मे ग्रामीणों ने कहा है कि गांव के लोग आज भी पेयजल, विद्युत, आवागमन एवं शिक्षा जैसे मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं, जबकि गांव जिला मुख्यालय से महज पांच किलोमीटर की परिधि में आता है। टोले में नमामि गंगे मिशन योजनान्तर्गत पेयजल हेतु ‘हर घर नल जल’ योजना के तहत न तो पाइप लाइन का कार्य हुआ और न ही गृह संयोजन का कार्य हुआ है, जिससे ग्रामीण उक्त महत्वाकांक्षी योजना से वंचित होते जा रहे हैं। कार्यदायी संस्था द्वारा उक्त योजनान्तर्गत कोई कार्य टोले में नहीं कराया गया है जबकि इस सम्बन्ध में कार्यदायी संस्था से कई बार अवगत कराया गया और सम्बन्धित ठेकेदार पाईप बिछाकर जल्द ही गृह संयोजन का भरोसा दिलाया गया, परन्तु कोई कार्य नहीं कराया गया।
अन्ततः कार्यदायी संस्था द्वारा टोले में बिना कार्य कराये ही पूरे ग्राम पंचायत को ‘हर घर नल जल’ योजना से आच्छादित होने एवं कार्य पूर्णता की आख्या ब्लाक कार्यालय को सौंप दी गयी, जो कत्तई न्यायोचित नहीं है। इसके अलावा भौगोलिक रूप से पठारी क्षेत्र होने के कारण टोले में शासन की एक और जनकल्याणकारी व महत्वाकांक्षी योजना सौभाग्य विद्युतीकरण योजना का लाभ दिया जाना चाहिए था और उक्त योजनान्तर्गत विद्युत खम्भों को टोले में स्थापित कर इसका लाभ दिया जाना चाहिए था, परन्तु ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में लोग आज भी अंधेरे में जीवन यापन करने पर विवश हैं। विद्युतीकरण न होने से नौनिहालों का भविष्य भी अंधकारमय होने की प्रबल सम्भावना है। इसके अलावा बरसात के मौसम में विषैले जीव-जन्तुओं का खतरा बढ़ जाता है। विद्युतीकरण नितान्त आवश्यक है, परन्तु ग्रामीण विद्युत से बुनियादी सुविधा से वंचित है।
ग्रामीणों ने यह भी कहा है कि टोले में एक भी विद्यालय नहीं है, जिससे नौनिहालों को गांव के अन्य टोलों में स्थापित विद्यालयों पर निर्भर होना पड़ता है और काफी दूरी तय करके विद्यालय जाना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर विद्यालय न होने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय होने की प्रबल सम्भावना है। इतना ही नहीं ग्राम पंचायत जंगल एवं पठारीयुक्त होने के कारण छोटे-छोटे बच्चों को दूर जाकर पढ़ने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्राथमिक स्तर के विद्यालय स्थापित होना आवश्यक है। तमाम समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी सोनभद्र चर्चित गोंड से अविलंब ही हस्तक्षेप कर बुनियादी सुविधाओं का लाभ दिलाये जाने की मांग की है।जो जनहित में आवश्यक है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई किए जाने का दिशा-निर्देश दिया।
इस मौके पर रामसुभग, रामबाबू, राजकुमार, श्रवण कुमार, कृष्णानाथ, पारस समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।



