हृदय में राम पुस्तक महराज जी के हाथों पाकर हूं अभिभूत – ओम प्रकाश मिश्र

दिल्ली – तीन कलश मंदिर के महंत अयोध्या धाम के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी जी महराज का उनके भक्तों द्वारा दिल्ली प्रवास के दौरान भव्य स्वागत किया गया।ओम प्रकाश मिश्र के निवेदन पर महाराज जी का आगमन उनके दिल्ली आवास पर हुआ जहां पर भक्तों द्वारा भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया।ओम प्रकाश मिश्र और परिवार के सदस्यों ने पुष्प वर्षा करते हुए पुष्प हार पहनाकर महराज जी का स्वागत करते हुए पूजा अर्चना की।इस मौके पर महराज जी द्वारा ओम प्रकाश मिश्र को आशीर्वाद स्वरूप “हृदय में राम” पुस्तक प्रदान किया गया।ओम प्रकाश मिश्र ने कहा कि महराज जी के हाथों आशीर्वाद स्वरूप हृदय में राम पुस्तक पाकर अभिभूत हूं।आगे कहा कि “राम तो सर्वव्यापक हैं, लेकिन उन्हें हृदय में अनुभव करने की कुंजी गुरु के हाथ में होती है।बिना गुरु के कृपा दृष्टि के,राम के स्मरण,दर्शन या साक्षात्कार नहीं हो सकता।अज्ञान तिमिरांधस्य ज्ञानंजनशलाकया। चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरवे नमः अर्थात अज्ञान के अंधकार से अंधे हुए व्यक्ति की ज्ञान की शलाका से,जिसने आँखें खोल दी हैं,उन श्री गुरु को नमस्कार है।आगे कहा कि गुरु जी का आशीर्वाद पाकर पूरा परिवार धन्य हो गया है क्योंकि कहा गया है-गुरु बिन ज्ञान न उपजै,गुरु बिन मिले न मोष।गुरु बिन लखे न सत्य को,गुरु बिन मिटे न दोष अर्थात गुरु के बिना ज्ञान नहीं होता,गुरु के बिना मोक्ष नहीं मिलता।गुरु के बिना सत्य का ज्ञान नहीं होता,और गुरु के बिना दोष नहीं मिटते।

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