जयसिंहनगर के गजवाही का मामला: ग्राम विकास में अधिकारियों को नहीं दिख रही निराशा, दशकों से अंगद पैर समान जमीं हैं आशा

ग्रामीणों का आरोप: सत्ता की आड़ में पति चला रहा हुकूमत
दैनिक समाज जागरण
विजय तिवारी
शहडोल

शहडोल। करीब 1 दशक से भी ज्यादा समय से जिले के जनपद पंचायत जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत गजवाही के निवासी विभिन्न परेशानियां झेलने को मजबूर हैं। आलम यह है कि, ग्राम विकास मंद मंद गति से इठलाती हुई प्रदर्शित है। इस समयावधि में ग्राम पंचायत में लगभग सैकड़ों फर्जी बिलों पर भुगतान भी किया गया है। इतना ही नहीं, इस दौरान कराए गए निर्माण कार्यों पर यदि नजर दौड़ाई जाए तो भ्रष्टाचार स्वमेव सिद्ध मिलेगा। बहरहाल, संबंधित मामले में जांच कब और कैसे होगी?.. यह तो आला अधिकारी ही बता सकेंगे!

मिली जानकारी अनुसार, ग्राम पंचायत गजवाही में विगत कई वर्षों से आशा मिश्रा सचिव के रूप में पदस्थ हैं, जहां उनका कारभार या यूं कहें कारोबार उनके पति लाल बहादुर मिश्रा देखने का काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि, सचिव पति भाजपा पार्टी से जुड़े हुए हैं और इसी का धौंस जमाकर वह अपने मन मुताबिक, मनमाने कृत्यों को अंजाम देते आ रहे हैं। मनमानी तरीके से कराए गए निर्माण कार्यों में जमकर शासकीय धन की होली खेली गई है। अगर वरिष्ठ अधिकारी ने जांच कराई तो कई लाखों रुपए की रिकवरी निकल कर सामने आ सकती है।

मस्टर रोल में फर्जीवाड़ा, हितग्राही मूलक योजनाओं में लीपापोती, फर्जी बिलों पर भुगतान, मूल दस्तावेजों में कलम की जादूगरी तो मानो सचिव और उनके मास्टरमाइंड पति को खूब भा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि, सत्तारूढ़ पार्टी में होने के चलते यहां की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं होती। कितनी ही प्रमाणित शिकायतें आज भी वरिष्ठ कार्यालय के ठंडे बस्ते में कैद हैं। जिन पर जमी हुई धूल की परतें हटी, तो निश्चित ही सचिव पर कार्रवाई होना तय है।

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)