कवि डाॅ.राजेश श्रीवास्तव राज की 51 छंदो परआधारित “छंद मालिका”
पुस्तक का हुआ लोकार्पण।


ट्रू मीडिया और देवप्रभा प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में ट्रू मीडिया साहित्यिक चैनल साहिबाबाद उ.प्र. के प्रांगण में तारीख 24 8.2025 को कवि डाॅ.राजेश श्रीवास्तव ‘राज’ की 51 छंदो पर आधारित “छंद मालिका” पुस्तक का भव्य लोकार्पण हुआ और वागीश्वरी सम्मान”२०२५ वितरित किया गया। सर्वप्रथम मां शारदे की प्रतिमा पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन का कार्यक्रम हुआ।

उसके बाद सभी अतिथियों और साहित्यिक मनीषीगण का सम्मान किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आकाशवाणी नई दिल्ली के निदेशक डॉ.राम अवतार बैरवा जी ने किया,वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ऋषि कुमार शर्मा, पूर्व उपसचिव हिंदी अकादमी दिल्ली जी रहे और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि देवप्रभा प्रकाशन के प्रमुख डॉ.चेतन आनंद जी और ट्रू मीडिया के संस्थापक डॉ.ओमप्रकाश प्रजापति जी रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री राम अवतार बैरवा जी ने इस पुस्तक को मंदिर में रखे जाने वाली जैसी पुस्तक बताया और प्रत्येक छंद के संबंध में कहा कवि का ईश्वर से सीधे संवाद इस पुस्तक में दर्शाता है वहीं कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डॉ चेतन आनंद जी ने लगभग सभी छंदो पर अपना उद्बोधन बताया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री ऋषि शर्मा जी ने पुस्तक के संबंध में बताया कि सरल भाषा में रचित यह शिक्षाप्रद कृति नव लेखकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है ।

डॉ ओमप्रकाश प्रजापति जी ने भी पुस्तक के संबंध में विस्तार से सभी बारीकियां को सभा में इस विषय पर बताया । डॉ. राजेश श्रीवास्तव राज द्वारा रचित 51छंदो पर आधारित व नारी शक्ति पर केंद्रित “छंद मालिका” पुस्तक का लोकार्पण सभी के मध्य किया गया,तत्पश्चात उनकी पुस्तक पर उद्बोधन का कार्यक्रम सम्मानित मंच के अतिथियों ने किया। कार्यक्रम का सुंदर व शानदार संचालन डॉ.उषा श्रीवास्तव ‘उषाराज’ जी ने किया। मां शारदे की वंदना श्री भूपेंद्र राघव जी ने किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली का एनसीआर के लगभग 40 साहित्यकारों ने भाग लिया जिसमें अधिकांशत: किसी ने किसी संस्था के पदाधिकारी भी थे। पुस्तक का आवरण मां शारदे का चित्र डॉ.राजेश श्रीवास्तव राज के सुपुत्र शाश्वत श्रीवास्तव ने बनाया। उक्त पुस्तक में जहां 51 छंदों में छंद विधान के साथ शारदे वंदना लिखी गई वहीं पुस्तक के दूसरे भाग में 6 देवियों का घनाक्षरी छंद
में सुंदर वर्णन भी किया गया है।

कार्यक्रम में पधारे सभी साहित्यकारों ने एक से बढ़कर एक दोहे, गीत, ग़ज़ल, छंद आदि पढ़े और पुस्तक की प्रशंसा भी किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी साहित्यकारों को वागीश्वरी सम्मान 2025 पटका पहनाकर प्रदान किया गया। कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए मुंबई से वरिष्ठ ग़ज़लकार और फिल्मी गीतकार डॉ. प्रमोद कुश ‘तन्हा’ जी पधारे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले साहित्यकारों में डॉ.ओंकार त्रिपाठी,डॉ.राजीव पांडे,श्री हिमांशु शुक्ल,श्रीमती गार्गी कौशिक,डॉ.कामना मिश्रा,श्रीमती सुकृति श्रीवास्तव, डॉ. मनोज कामदेव, श्री वागीश शर्मा, श्री शशांक शर्मा श्रीमती शशि किरण श्रीवास्तव, श्रीमती ईशा भारद्वाज, श्री जगदीश मीणा, श्री ईश्वर सिंह तेवतिया,श्री भूपेंद्र राघव,श्रीमती संगीता वर्मा, श्रीमती पूजा श्रीवास्तव, डाॅ.संजय जैन,श्रीमती किरन सिंह, श्रीमती उर्वी ऊदल,डॉ.अवधेश तिवारी भावुक,श्रीमती बबली सिन्हा वान्या,श्री ज्ञानेन्द्र शुक्ला,श्री मनोज श्रीवास्तव अनाम,श्रीमती अनीता त्रिपाठी,श्री दिलीप गोंडवी, शाश्वत श्रीवास्तव शर्वाणी श्रीवास्तव आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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