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खिरनी में ग्रीन हाईवे के अलाइनमेंट को लेकर किसानों का हल्लाबोल, निर्माण रोकने की चेतावनी

भाकियू टिकैत ने कहा—गांव की आबादी और उपजाऊ जमीन से हाईवे नहीं निकलने देंगे, जंगल की ओर अलाइनमेंट करने की मांग

समाज जागरण/पबांसा

पबांसा। अलीगढ़-मुरादाबाद ग्रीन हाईवे के प्रस्तावित अलाइनमेंट को लेकर किसानों का विरोध तेज हो गया है। ग्राम खिरनी में आयोजित किसानों की महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने प्रस्तावित मार्ग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। किसान नेताओं ने कहा कि गांव की आबादी और उपजाऊ कृषि भूमि से हाईवे का निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

महापंचायत में भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने प्रशासन से प्रस्तावित अलाइनमेंट पर पुनर्विचार करने और हाईवे को आबादी से दूर जंगल क्षेत्र की ओर ले जाने की मांग की।

‘मुरादाबाद की तरह यहां भी जंगल से निकाला जाए हाईवे’

भाकियू के मंडल प्रवक्ता चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों के अनुसार मुरादाबाद की ओर हाईवे का मार्ग जंगल क्षेत्र से होकर प्रस्तावित किया गया है, जबकि पवांसा क्षेत्र में इसे गांव की ओर लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान आबादी और कृषि भूमि को प्रभावित करने वाले अलाइनमेंट का विरोध करेंगे।

उन्होंने सर्किल रेट को लेकर भी सवाल उठाया। उनके अनुसार वर्ष 2016 से सर्किल रेट में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। उन्होंने मांग की कि जमीन अधिग्रहण से पहले सर्किल रेट को संशोधित किया जाए।

दीनापुर से लखनपुर तक अलाइनमेंट पर आपत्ति

तहसील अध्यक्ष महेश यादव ने कहा कि दीनापुर से लखनपुर तक करीब 12-13 किलोमीटर के क्षेत्र में किसानों के हितों को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। उन्होंने कहा कि यदि शहर क्षेत्र से हाईवे निकाला जाता है तो किसानों को आपत्ति नहीं है, लेकिन गांव की आबादी और कृषि भूमि प्रभावित होने की स्थिति में संगठन इसका विरोध करेगा।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व को बुलाकर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

जंगल से ग्रीन हाईवे निकालने की मांग

जिला कोषाध्यक्ष संजीव यादव ने कहा कि किसानों की मांग है कि जिस तरह गंगा एक्सप्रेस-वे के ग्रीन कॉरिडोर का मार्ग कई स्थानों पर जंगल क्षेत्र से होकर जाता है, उसी तरह प्रस्तावित ग्रीन हाईवे का अलाइनमेंट भी आबादी और कृषि भूमि को कम से कम प्रभावित करने वाले क्षेत्र से किया जाए।

उन्होंने किसानों की समस्याओं का समाधान करने और प्रस्तावित अलाइनमेंट की समीक्षा करने की मांग की।

महिला किसानों ने भी आंदोलन की चेतावनी दी

भाकियू की महिला जिलाध्यक्ष गायत्री यादव ने कहा कि किसानों के अनुसार प्रस्तावित नक्शे में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने हाईवे को जंगल क्षेत्र की ओर करने और सर्किल रेट में संशोधन की मांग रखी। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में महिला किसान भी आंदोलन में शामिल होंगी।

प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

महापंचायत के दौरान भाकियू टिकैत ने प्रशासन से मांग की कि किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से लेते हुए प्रस्तावित अलाइनमेंट की समीक्षा की जाए। संगठन ने आबादी और उपजाऊ कृषि भूमि को प्रभावित करने वाले हिस्से को हटाकर वैकल्पिक मार्ग तलाशने तथा सर्किल रेट से संबंधित किसानों की मांग पर भी विचार करने की मांग की।

महापंचायत में चंद्रपाल सिंह यादव, महेश यादव, संजीव यादव, गायत्री यादव, ओमप्रकाश यादव, जुगेन्द्र सिंह यादव, चंद्रकेश यादव, बनवारी सिंह, वृजेश यादव, राजेश्वर यादव, अभिराम सिंह, मुनेश, कल्याण सिंह, श्योराज सिंह और निरोत्तम सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

फिलहाल प्रस्तावित अलाइनमेंट को लेकर किसानों का विरोध जारी है। प्रशासन और संबंधित परियोजना एजेंसी की ओर से इस संबंध में आगे क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर किसानों की नजर बनी हुई है।


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