वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
07 जून। किशनगंज थाना क्षेत्र के शिवगंगा घाट, डुमरिया भट्टा स्थित नदी में किशोरी मेनका कुमारी (13 वर्ष) का शव मिलने के मामले का किशनगंज पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन कर लिया है। पुलिस जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि किशोरी की मृत्यु नदी में डूबने से हुई थी।
पुलिस के अनुसार, 28 मई 2026 को मेनका कुमारी अपने मामा के घर से शाम करीब चार बजे घूमने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसके मामा लक्ष्मण साह ने किशनगंज थाना में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में किशनगंज थाना कांड संख्या 574/26 दर्ज कर पुलिस द्वारा खोजबीन और अनुसंधान शुरू किया गया।
जांच के दौरान 1 जून 2026 को शिवगंगा घाट, डुमरिया भट्टा के समीप पानी से किशोरी का शव बरामद किया गया। शव का एफएसएल टीम द्वारा परीक्षण कराया गया तथा विधिवत पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए। रिपोर्ट के अनुसार श्वासनली, फेफड़े और पेट में रेत एवं मिट्टी के कण मिले, जिससे मृत्यु का कारण पानी में डूबना बताया गया।

पुलिस ने घटनास्थल की वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई। एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और गोताखोरों की सहायता ली गई। नदी की गहराई का आकलन करने पर कई स्थानों पर 10 से 30 फीट तक गहराई पाई गई। साथ ही, घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का भी विश्लेषण किया गया।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि घटना के समय मेनका अपने दो मौसेरे भाइयों आयुष (10 वर्ष) और प्रिंस (15 वर्ष) के साथ नदी किनारे गई थी। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों लड़के लगातार अपने बयान बदल रहे थे। बाद में तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों की मौजूदगी में की गई गहन पूछताछ में दोनों ने बताया कि तीनों नदी में स्नान करने गए थे। इस दौरान मेनका नदी किनारे बने बांध से पानी में छलांग लगा रही थी। एक बार वह गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। दोनों लड़कों ने पहले इसे सामान्य समझा, लेकिन जब स्थिति गंभीर हुई तो उन्होंने बचाने का प्रयास किया। पानी अधिक गहरा होने के कारण वे सफल नहीं हो सके।
दोनों किशोरों ने बताया कि घटना के बाद वे घबरा गए और परिजनों के डर से मेनका के डूबने की बात छिपा ली। उन्होंने घर लौटकर बताया कि वह शौच के लिए वापस चली गई थी। बाद में दोनों ने घटनास्थल पर पूरी घटना का विवरण दिया, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। दोनों ने न्यायालय में भी अपना-अपना बयान दर्ज कराया।
किशनगंज पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विश्लेषण और साक्षियों के बयानों के आधार पर मामले का सफलतापूर्वक पटाक्षेप कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी कहा है कि प्राथमिकी दर्ज करने और प्रारंभिक अनुसंधान में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, इसकी अलग से जांच कराई जा रही है। साथ ही, अफवाह फैलाने अथवा पुलिस जांच में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें।
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