दैनिक समाज जागरण अनिल कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार) औरंगाबाद जिले के कुटुम्बा विधान सभा क्षेत्र परम्परागत रूप से कॉंग्रेस का गढ़ होने के वावजूद यह क्षेत्र आर्थिक, सामाजिक रूप से यह पिछड़ा इलाका है।इस क्षेत्र से वर्तमान में विधायक बिहार प्रदेश कॉंग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राजेश राम है। राजेश राम इस क्षेत्र से लगातार दूसरी बार विधायक रहे है और इस बार हैट्रिक लगाने के प्रयास में है।लेकिन मतदाताओं के विरोध के कारण लगता नही की वे हैट्रिक लगाने में सफल हो पायेंगे। इस विधान सभा क्षेत्र मे कुटुंबा प्रखंड सहित देव प्रखंड के पंचायत और नबीनगर प्रखंड के 10 पंचायत शामिल है।

इस विधान सभा क्षेत्र मे मुख्य समस्या सड़क बिजली और सिंचाई है। नबीनगर प्रखंड के जो पंचायत इस क्षेत्र में पड़ता है वो बेहद पिछड़ा इलाका है इस क्षेत्र में पड़ने वाले मूंगिया पंचायत,टंडवा,बसडीहा,रामनगर,खजूरी पांडू, रामपुर,सोरी, बरियावां और जयहिन्द तेंदुआ जैसे पंचायतों की सड़कें बदहाल है।कई गांव की सड़कें आज भी कच्ची है जहां वर्षात के दिनों में घर से बाहर निकलना मुश्किल है।वही के गांव मे रोड नही तो वोट नही का नारा बुलंद होने लगा है।इस क्षेत्र के मूंगिया पंचायत के धनहारा, विशुनपुर गांव की सड़कें आज भी आजादी के 79 वें साल में आज भी कच्ची है जहां वर्षात के दिनों में घरों से निकलना मुश्किल है। वही मारिजो को खाट पर लादकर अस्पताल लाना पडता है।ग्रामीणों ने रोड नही तो वोट नही का नारा बुलंद किया है ग्रामीणो का कहना है कि चुनाव के वक्त नेताजी को समस्या याद आती है।वही टंडवा पंचायत के टंडवा बाजार से झारखंड की सीमा तक खजूरी टिका गांव की सड़कें इतना बदहाल है कि प्रायः प्रतिदिन एक दो छोटी गाड़िया दुर्घटना की शिकार होती है।पता ही नही चलता है कि सड़क किधर है और तालाब किधर है।यही हाल नबीनगर टंडवा मुख्य पथ के बसडीहा गांव की सड़क है जहाँ प्रतिदिन बाइक और ऑटो वाले दुर्घटना की चपेट में आते हैं।कमोवेश यही हाल इस विधान सभा क्षेत्र के खजुरी पांडु ,मूंगिया,रामनगर,रामपुर एवम अन्य पंचायतों की सड़कों की है।जैसे जैसे चुनाव नजदीक आरहा है वैसे वैसे विधायक राजेश राम के प्रति विरोध का स्वर बढ़ रहा है। लगता नही कि राजेश राम इस बार इस क्षेत्र से विधान सभा का प्रतिनिधित कर सकेंगे।इधर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज इस क्षेत्र मे दिनोदिन अपनी लोकप्रियता बढ़ा रही है जो राजेश राम के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।इस क्षेत्र की जनता प्रशांत किशोर के मुख्य घोषणायें जैसे शिक्षा, रोजगार,न्याय के साथ विकास,पेंशन आदि की घोषणायें से प्रसभवित हुई है और एक बार मौका देने के पक्ष में है।वही प्रशांत किशोर की बिहार बदलाव यात्रा अपनी लोकप्रियता की चरम पर है।अब देखना है कि इस पिछड़ा बहुल क्षेत्र की जनता किसे सदन में भेजती है।



