समाज जागरण/ ब्यूरो चीफ विजय कुमार अग्रहरी
सोनभद्र। गुरुवार को संयुक्त वामदलों के बैनर तले भाकपा, माकपा और माले के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर मजदूरों के समर्थन में जोरदार आवाज उठाई। कार्यकर्ताओं ने तपती धूप में नारेबाजी करते हुए एडीएम के माध्यम से माननीय राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नोएडा सहित देशभर में मजदूरों पर हो रहे कथित दमन, लाठीचार्ज, फर्जी मुकदमों और शोषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की मूल मांग-8 घंटे कार्यदिवस, अतिरिक्त कार्य पर दोगुना ओवरटाइम और बेहतर कार्य परिस्थितियां-पूरी की जानी चाहिए। भाकपा जिला सचिव कामरेड आर.के. शर्मा ने आरोप लगाया कि मजदूरों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई सरकार के श्रमिक विरोधी रवैये को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मजदूरों और किसानों की जायज मांगों को दबाया जा रहा है। माकपा जिला मंत्री कामरेड नन्दलाल आर्या ने कहा कि नोएडा में मजदूरों और उनके नेताओं की गिरफ्तारी, उन पर मुकदमे दर्ज करना और परिवार से संपर्क तक रोकना बेहद निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में विरोध जताने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हाउस अरेस्ट कर डराने-धमकाने की कार्रवाई की गई।
खेत मजदूर यूनियन के नेता कामरेड देव कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि प्रदेश में जनतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है, जबकि किसान सभा के नेता कामरेड प्रेमनाथ ने सरकार पर जनआंदोलनों को बदनाम करने का आरोप लगाया। सीटू के प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड विसंभर सिंह ने मांग की कि नोएडा आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी मजदूरों और नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए तथा उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। वामदलों के नेताओं ने मांग की कि प्रदेश में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन पर रोक न लगाई जाए, पुलिस द्वारा की जा रही कथित दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगे और मजदूर संगठनों के साथ सरकार तत्काल वार्ता कर उनकी मांगों पर समाधान निकाले। प्रदर्शन में कामरेड पुरुषोत्तम, प्रेमचन्द्र गुप्ता, ईश्वर दयाल, लल्लन राम, दुबराजी देवी, उर्मिला देवी, तेतरी देवी, सीमा, कमली देवी, आशय कुमार सिंह, राजबली, हनुमान प्रसाद, राजकुमार, लाल बहादुर और रामबचन सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।



