*आयुर्वेदिक, होम्योपैथीक दवाओं से करें उपचार,जरूरत पर आईवरमेकटिन गोली दें।
समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। मौसमी उतार चढ़ाव, आद्रता तापमान बढ़ने से हरहुआ ब्लाक के कुछ गांवों में लम्पी जैसी बीमारी के लक्षण गोवंशों में होने की सूचनाएं आ रही हैं।पशुपालक लम्पी जैसे लक्षण दिखने पर पशुओं को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक, होमियोपैथिक दवाओं के उपयोग को प्राथमिकता दें।
पशु चिकित्सा अधिकारी हरहुआ डॉ0 आशीष वर्मा द्वारा बताया गया कि भैठौली गांव में दो पशुपालकों के यहां से लम्पी रोग जैसे लक्षण पशुओं में दिखने की सूचना मिली है।यह बीमारी दुधारू पशुओं में नहीं है छोटे गो बंश एवं दो साल तक के बछिया में हो रहा है। क्षेत्र के राजापुर, गुरवट में रोकथाम के लिए टीकाकरण किया गया।
पशुपालक लम्पी जैसे लक्षण दिखने पर तुलसी का पत्ता, आंवला एवं अदरक,गुड़ में मिलाकर खिलायें।नीम की पत्ती और कैम्फर को जलाने,नीम के पत्ते को उबालकर उसके पानी से प्रभावित पशुओं को पोछने,घाव होने की स्थिति में हल्दी एवं नारियल का तेल लगाने का सुझाव दिया ।अंग्रेजी दवा आइबरमेक्टिन एक बार पशुओं को खिलाने की सलाह दी है।आइवरमेक्टिन की गोली पशु चिकित्सालय पर उपलब्ध है।



