भगवान शिव के बैल अर्थात नंदी धर्म का प्रतीक है :पूज्य गुरु मां गौरंगी गौरी जी

नोएडा सेक्टर 110 स्थित रामलीला परिसर महर्षि आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में विश्व विख्यात अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पूज्य गुरु मां गौरंगी गौरी ने आज तीसरे दिन भक्तों को शिव विवाह को बहुत ही अच्छे ढंग से श्रोताओं को श्रवण कराया। पूज्य गुरु मां गौरंगी गौरी जी ने कथा में कहा कि भगवान शिव के बैल अर्थात नंदी को धर्म का प्रतीक है। हम सभी को धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर राजा परीक्षित जी की कथा सुनकर सभी भक्तगण आनंदित हुए। कथा के बीच अनेक भक्त कथा सुनकर झूम उठे। कार्यक्रम के दूसरे दिन भक्तों की भारी भीड़ देखी गई। नोएडा सेक्टर 110 के आस-पास के गाँव भंगेल बाजार, सलारपुर और गेझा, हाजीपुर के अलावा अनेक सोसाइटियों के भक्त बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


इस अवसर पर महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष एवं महर्षि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष श्री राहुल भरद्वाज , महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नालॉजी के डायरेक्टर जनरल प्रोफेसर ग्रुप कैप्टन ओ. पी. शर्मा, और पूज्य श्री सतीश सद्गुरु नाथ महाराज राजेश श्रीवास्तव की भी की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। श्रीमद भागवत कथा कार्यक्रम के रामेंद्र सचान, कथा के यजमान विनोद दीक्षित यादवेंद्र यादव, शिशिरकांत श्रीवास्तव, विनीत श्रीवास्तव, दयाशंकर गुप्ता, गिरीश अग्निहोत्री, ललन पाठक, शिशुपाल सिंह यादव,  श्रीकांत ओझा, विनोद श्रीवास्तव, संजय सिन्हा, एस पी गर्ग, राजेश मिश्रा राजीव अरोरा ,अरुण मिश्रा राजेंद्र शुक्ला,राजेंद्र खंत्वाल, कमलेश यादव, राजेश मिश्रा  वैद्य सहाय अवधराज शुक्ला आदि सहित अन्य पदाधिकारी गण और लाखों सनातन धर्म प्रेमी मौजूद थे।