समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब भारत में गैस आपूर्ति व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। जिसका असर पटना में साफ दिखाई देने लगा है। केंद्र सरकार ने स्थिति को देखते हुए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस आपूर्ति बाधित होने की आशंका के कारण सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके बाद बिहार सहित कई राज्यों में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। गैस एजेंसियों के अनुसार पिछले तीन दिनों से नए सिलेंडर नहीं पहुंचे हैं और बाजार में वही सिलेंडर उपलब्ध हैं जो पहले से मौजूद थे। व्यावसायिक गैस की कमी की खबर फैलने के बाद घरेलू उपभोक्ताओं के बीच घबराहट के कारण बुकिंग में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है। पटना में कई गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें देखी गईं।
लोग सुबह से ही सिलेंडर लेने के लिए एजेंसियों के बाहर पहुंच रहे थे। जबकि पालीगंज, बिक्रम, दुल्हिन बाजार जैसे छोटे एजेंसियों में एलपीजी समाप्त हो चुकी है। स्थिति को देखते हुए अधिकारियों द्वारा कहा गया है कि मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है। इसके कारण पटना में भी रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति में कमी हो सकती है। ऐसी स्थिति में गैस एजेंसियों, विक्रेताओं और पेट्रोल पंपों पर आम नागरिकों की भीड़ बढ़ सकती है।
इससे अव्यवस्था की स्थिति पैदा होने और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही असामाजिक तत्वों द्वारा गैस सिलेंडर और पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और कालाबाजारी किए जाने की संभावना भी जताई गई है। जिसे देख प्रशासन ने सभी अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखें और गैस एजेंसियों तथा पेट्रोल पंपों के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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