संवाददाता: पुष्पा गुप्ता, दैनिक समाज जागरण, डेहरी ऑन सोन
ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आशा कार्यकर्ताओं को एम-आशा ऐप का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके जरिए जन्म-मृत्यु, मलेरिया, बुखार, डायरिया जैसी बीमारियों सहित अन्य गतिविधियों को डिजिटल पोर्टल पर अपलोड करना आसान होगा। मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत इस ऐप का उपयोग ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य कार्यों को समय पर पूरा करने और रिकॉर्ड रखने के झंझट से मुक्त करने में मदद करेगा। यह ऐप आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्ट वर्किंग की ओर ले जाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और मरीजों को सेवाएं प्रदान करना अधिक सुलभ होगा।
रॉडिक कंपनी और स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि भव्या प्रोजेक्ट के तहत इस ऐप से पेपरलेस कार्य प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा। आशा कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्रशिक्षण देकर उन्हें आधुनिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण हो सके।
स्वास्थ्य प्रबंधक गणेश प्रसाद ने बताया कि ऐप के जरिए आशा कार्यकर्ताओं को न केवल प्रशिक्षित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतर जानकारी और उपकरण भी मुहैया कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी में सुधार होगा।
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