दैनिक समाज जागरण, संवाददाता,
ईचागढ़ के विधायक सविता महतो ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अल्प सूचित प्रश्न में ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई का मामला जोरदार तरीके से उठाया। ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई सुविधा को लेकर सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। अल्प-सूचित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र कृषि बाहुल्य है और यहां के अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं। इस दौरान सरकार ने स्वीकारा किया कि ईचागढ़ क्षेत्र में लिफ्ट सिंचाई की योजना संचालित नहीं है।
जिसमें मैसाड़ा सुवर्णरेखा डैम से 15 किलोमीटर लिफ्ट सिंचाई के जरिए 50 गांव, सुवर्णरेखा डैम से नीमडीह प्रखंड के ओड़ीया से 10 किलोमीटर लिफ्ट सिंचाई से 20 गांव, आमटांड नदी से काशीडीह होते हुए घाटशिला कांडरबेड़ा तक 6 किलोमीटर क्षेत्र तथा चांडिल बांध से नीमडीह कुकड़ू प्रखंड के नीमडीह के 13 एवं कुकड़ू के 9 पंचायतों में मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार ने अपने उत्तर में बताया कि सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह एवं कुकड़ू प्रखंड तथा पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा व बोडाम प्रखंड के अपेक्षाकृत ऊंचे भू-भाग में स्थित कुल 26,344 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भूमिगत पाइपलाइन के माध्यम से नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना एवं पटमदा-बोडाम मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
वर्तमान में राज्य सरकार के सीमित वित्तीय संसाधनों को देखते हुए भारत सरकार से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) द्वारा दोनों योजनाओं पर सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी गई है तथा कार्यान्वयन के लिए अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है। विधायक सविता महतो के पहल से क्षेत्र के किसानों को उम्मीद है कि योजना के धरातल पर उतरने से सिंचाई की समस्या का समाधान होगा और कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
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