समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी।। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय और वैदिक विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।दो दिनों तक चलने वाले ही संयोजन में देश भर के वैज्ञानिक शैक्षणिक जानकारी और शोधकर्ता विज्ञान की बदल रही तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमें कई मुद्दों पर चर्चा करेंगे।



यह सत्र विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार एवं राष्ट्रीय विकास से संबंधित विचार-विमर्श की दिशा निर्धारित करेगा।इस दौरान काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और दीप प्रचलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम में विज्ञान भारती के वार्षिक रिपोर्ट पुस्तिका का भी विमोचन किया।
बता दें कि भारत के सबसे बड़े विज्ञान आंदोलन विज्ञान भारती का 7वां राष्ट्रीय अधिवेशन 13 एवं 14 जून को काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है।
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन में देश-विदेश से लगभग 1200 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. इनमें विज्ञान भारती के सदस्य, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ सहभागिता करेंगे।
भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हैं. विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी,नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. शेखर सी. मांडे भी उद्घाटन सत्र में सहभागिता करेंगे।
अधिवेशन में देश के प्रमुख संस्थानों एवं सरकारी संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित वक्ता एवं विचारक अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।
वन हेल्थ विषयक सत्र का नेतृत्व राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. बी. एन. गंगाधर करेंगे, जिसमें शिक्षण, स्वास्थ्य एवं अनुसंधान संस्थानों से जुड़े विशिष्ट विशेषज्ञ भाग लेंगे।विज्ञान भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. शिवकुमार शर्मा ने जानकारी दी कि इस अधिवेशन का उद्देश्य समसामयिक वैज्ञानिक एवं सामाजिक चुनौतियों पर सार्थक विमर्श करते हुए वैज्ञानिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना है।
इस वर्ष के अधिवेशन में वन हेल्थ, विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी. विकसित भारत हेतु नेट ज़ीरो विषयक सत्र का नेतृत्व मध्य प्रदेश शासन के ऊर्जा तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव करेंगे।
इस सत्र में सतत विकास एवं ऊर्जा संक्रमण से जुड़े विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी।राष्ट्रीय महासचिव विवेकानन्द पाई ने बताया कि अधिवेशन के दूसरे दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं नैतिकता विषयक विशेष सत्र का नेतृत्व भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के पूर्व सचिव तथा इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के पूर्व अध्यक्ष और पद्मश्री पुरस्कृत प्रो. आशुतोष शर्मा करेंगे।इस सत्र में शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं तथा तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा समाज हित में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उत्तरदायी एवं नैतिक उपयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
अधिवेशन में प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एवं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष डॉ. राजीव कुमार का सार्वजनिक व्याख्यान भी आयोजित किया गया है।इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल विशेष उद्बोधन देंगे तथा अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे।
संचालक समिति सदस्य प्रो रामनारायण द्विवेदी ने बताया विज्ञान भारती द्वारा इस अवसर पर “भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति” संबंधी प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा.
14 जून को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे. नीति आयोग के सदस्य प्रो. अभय करंदीकर तथा प्रो. गोवर्धन दास विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे.
विज्ञान भारती के 7वें राष्ट्रीय अधिवेशन विज्ञान भारती के क्षेत्र संगठन मंत्री अंकित राय ने जानकारी दी कि यह राष्ट्रीय अधिवेशन संवाद, सहयोग एवं नीति-निर्माण के लिए एक प्रभावी मंच सिद्ध होगा जो भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा “विकसित भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।



