दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार)भीषण गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए नबीनगर रेफरल अस्पताल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए वातानुकूलित कक्ष में 10 बेड सुरक्षित कर दिए हैं। साथ ही पर्याप्त मात्रा में जीवनरक्षक दवाओं का भंडार भी उपलब्ध है।अस्पताल प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देश पर हीट वेव से निपटने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए अलग से 10 बेड का वातानुकूलित वार्ड बनाया गया है। ओआरएस, आईवी फ्लूड, जरूरी इंजेक्शन और अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में हैं। 24 घंटे इमरजेंसी सेवा चालू रखने का निर्देश कर्मियों को दिया गया है।
इस बीच रेफरल अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी चिंता का विषय है। पूरे रेफरल अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सहित मात्र दो एमबीबीएस डॉक्टर पदस्थापित हैं। अस्पताल में एक भी महिला चिकित्सक नहीं है। ऐसे में महिला मरीजों को इलाज में परेशानी हो सकती है। डॉक्टरों की कमी के कारण फिलहाल अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी सेवा आयुष चिकित्सकों के भरोसे चल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी में डायरिया, उल्टी-दस्त और हीट स्ट्रोक के मरीज बढ़ते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत है।अस्पताल प्रभारी ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को लेकर वरीय पदाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। फिलहाल उपलब्ध संसाधनों से ही हीट वेव सहित अन्य बीमारियों से निपटने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दोपहर में घर से बाहर न निकलें, ज्यादा पानी पिएं और लू से बचाव करें।
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