समाज जागरण दीपक सरकार
मेदिनीनगर: नगर पंचायत चुनाव को लेकर भाजपा का धरना प्रदर्शन झारखंड सरकार के किये जा रहे प्रयासों को का श्रेय अपने उपर लेने की कोशिश है। वास्तव में राज्य के विकास को लेकर भाजपा की क्या मंशा है यह किसी से छिपी हुई नहीं है। उक्त बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय समिति सदस्य सह पलामू जिला प्रवक्ता चन्दन प्रकाश सिन्हा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा। जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में चंदन प्रकाश सिंह ने कहा कि पलामू के तमाम भाजपा नेता दलीय आधार पर एवं इवीएम के द्वारा नगर पालिका के चुनाव कराने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।
जिससे स्पष्ट है कि उनको सिर्फ अपने राजनीतिक की चिंता है झारखंड के आम आवाम गरीब गुरबों की चिंता नहीं है यदि उन्हें झारखंड के विकास की चिंता है तो केंद्र सरकार से झारखंड का बकाया पैसा एवं कटौती की जा रहे विकास की राशि की मांग क्यों नहीं करते। दरअसल इससे पूर्व नगर पालिका के चुनाव दलीय आधार पर की गई थी और अधिकतर लोग भाजपा के ही चुने गए थे।तमाम नगर पंचायत के विकास का सत्यानाश करते हुए नरक पंचायत में तब्दील कर दिया गया।
गर्मियों में भी सड़कों पर बजबजाती हुई नालियां भाजपा राज्य में ही देखी जा सकती थी।अब इन्हें डर है की कहीं नगर पालिका के चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुई तो भाजपा के समर्थित उम्मीदवारों का जितना मुश्किल है।भाजपा के जो भी जनप्रतिनिधि चुने गए थे वह विकास नहीं बल्कि धर्म एवं जाति के मुद्दों पर चुनाव जीत कर आए थे अब लोग विकास की बात कर रहे हैं यदि दलीय आधार पर चुनाव नहीं होता है तो भाजपा समर्थित उम्मीदवार आमजन से चुनाव में नजर मिलाने की स्थिति में भी नहीं रहेंगे। दूसरी और भाजपा के नेताओं को पता है कि यदि वैलेट पेपर से चुनाव होता है तो उसमें हेरा फेरी संभव नहीं है लेकिन इवीएम द्वारा वोट चोरी करके भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जिताया जा सकता है और यही कारण है कि भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता इन्हीं दो मांग पर आंदोलन कर रहे हैं।

यदि ये सच में झारखंड की विकास चाहते हैं तो जनहित से सरोकार हेतु झारखंड के विकास पर धरना प्रदर्शन करना चाहिए। केंद्र सरकार द्वारा झारखंड के साथ किया जा रहे सौतेले व्यवहार के खिलाफ एवं झारखंड के हिस्से का राशि नहीं देने के खिलाफ आंदोलन करना चाहिए।पूर्व में भी भाजपा के लोग नगर पालिका के चुनाव रोकने का अथक प्रयास किया और कुछ दिनों के लिए सफल हुए लेकिन झारखंड सरकार के अथक प्रयास से नगर पालिका चुनाव जल्द होने के कगार पर है।
अब बीजेपी वाले श्रेय लेने के लिए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि लोगों को यह बताया जाए कि उनके प्रयास से झारखंड में नगर पालिका चुनाव हो पा रहा है। यदि उन्हें इस चुनाव की इतनी चिंता थे तो आज से 2 वर्ष पहले जब ओबीसी बिल को राज्यपाल के पास भेजा गया था तो उसे तुरंत पारित कराकर चुनाव का मार्ग प्रशस्त करना चाहिए था।



