समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, उत्तर प्रदेश की सोनभद्र इकाई ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। महासंघ ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के सेवा हितों की रक्षा करते हुए उन्हें विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान किए जाने की मांग की। जिला अध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी ने कहा कि वर्ष 2010 में एनसीटीई द्वारा जारी अधिसूचना तथा हाल में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद वर्ष 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश में 27 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के बीच भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता का माहौल बना हुआ है।
जिला महामंत्री इंदू प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों के कारण लाखों शिक्षक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। जिन शिक्षकों की नियुक्ति तत्कालीन नियमावली एवं निर्धारित पात्रता मानकों के आधार पर हुई थी, उन्हें बाद में लागू किए गए नियमों के आधार पर प्रभावित करना न्यायसंगत नहीं होगा। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय विधिक व्यवस्था के अनुसार कोई भी नियम सामान्यतः उसके लागू होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाता है, इसलिए टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के सेवा अधिकार प्रभावित नहीं किए जाने चाहिए।
मीडिया प्रभारी सौरभ कार्तिकेय ने सरकार से टीईटी पूर्व नियुक्त शिक्षकों को स्पष्ट विधायी एवं नीतिगत संरक्षण प्रदान कर उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन मंत्री गणेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।
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