वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो, किशनगंज।
किशनगंज। व्यवहार न्यायालय परिसर, किशनगंज में आगामी 14 मार्च 2026 को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसे लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। विधिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को लोक अदालत के महत्व और लाभों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ लगातार बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।
इसी क्रम में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, किशनगंज के सचिव ओम शंकर की अध्यक्षता में अधिवक्ता संघ, जिला अधिवक्ता संघ एवं अभियोजन पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव, जिला अभियोजन पदाधिकारी सहित अन्य अभियोजन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक सुलहनीय मामलों के निष्पादन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सचिव ओम शंकर ने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे लंबित मामलों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से कराएं, ताकि पक्षकारों को त्वरित, सुलभ एवं कम खर्च में न्याय मिल सके।
20 फरवरी 2026 को जिले के सभी विभागों के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विभाग से जुड़े पक्षकारों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु नोटिस निर्गत करें तथा 14 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।
पूर्व में जिले के सभी थानाध्यक्षों एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारियों के साथ भी बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
राष्ट्रीय लोक अदालत में अपराधिक समझौता योग्य मामले, प्ली बार्गेनिंग, एनआई एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस), मनी रिकवरी, मोटर दुर्घटना दावा, श्रम विवाद, सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से संबंधित विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण, सेवा एवं पेंशन संबंधी मामले, राजस्व मामले तथा किराया, निषेधाज्ञा एवं अन्य सिविल वादों का निष्पादन किया जाएगा।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अधिकाधिक पक्षकारों से राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि सस्ता, सुलभ और त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा सके।



