google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

मांगों को लेकर 25 को जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन करेगा एनएफआईटीयू और एच एम केपी : राकेश मणि

सुनील बाजपेई
कानपुर। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नेशनल फ्रन्ट ऑफ इण्डियन ट्रेड यूनियन्स और हिन्द मजदूर किसान पंचायत अब आर पार की लड़ाई लड़ने जा रहा है। वह इसके लिए 25 फरवरी से देश के हर जिला मुख्यालय और श्रम कार्यालयों पर भी धरना और प्रदर्शन करेगा।


मांगे अभी तक नहीं पूरी किए जाने के फल स्वरूप विरोध दिवस के रूप में इस आंदोलन की यह शुरुआत भारतीय मजदूर संघ के प्रमुख घटक 18 केंद्रीय महा संगठन व स्वतंत्र संगठन वाले एनएफआईटीयू के आवाहन पर की जा रही है।
यह जानकारी देते हुए एनएफआईटीयू और हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव तथा यूपी के महासचिव राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि 25 फरवरी को पूरे देश में प्रदर्शन रैली, काले फीते युक्त रैली करते हुए जिलाधिकारी और श्रम कार्यालयों में उनके माध्यम से प्रधानमंत्री, केन्द्रीय मंत्री व राज्य के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौपने के साथ-साथ तत्काल निराकरण के लिए मांग की जायेगी।


एनएफआईटीयू और हिन्द मजदूर किसान पंचायत के राष्ट्रीय सचिव तथा यूपी के महासचिव राकेशमणि पाण्डेय ने बताया कि सभी को बिना किसी छूट के सभी कर्मचारियों के लिए बने श्रम कानूनों को कठोरता व एकरूपता से लागू किए जाने, इण्डस्ट्रीयल रिलेशन कोड और अकूपेशन सेफ्टी हेल्थ एण्ड वर्किल कण्डीशन कोर्ट में श्रमिकों की चिन्ताओं को दूर किये जाने, इण्डिया लेबर कन्क्रेन्स तुरन्त बुला कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए त्रिपक्षीय वार्ता पुर्नस्थापित और उनकी संस्तुतियों को कठोरता व समुचित रूप से लागू किये जाने, सभी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन हर 05 वर्ष में निश्चित वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने के साथ ही छः माह में मिलने वाले महंगाई भत्ते को शत प्रतिशत बढ़ाये जाने,

भविष्यनिधि में सभी सदस्यों को न्यूनतम पेंशन रू0 7500/- मासिक निर्धारित करने के साथ ही10 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि अनिवार्य रूप से सम्मिलित किये जाने, सार्वजनिक क्षेत्र, संयुक्त क्षेत्र व निजी क्षेत्रों के कर्मचारियों को अवशेष भुगतान क्षतिपूर्ति सहित दिलाने, सभी क्षेत्रों में बैंकिंग सहित 05 दिन का कार्य दिवस घोषित किये जाने, बोनस के लिए वेतन सीमा समाप्त करने के साथ ही सम्पूर्ण प्राप्त वेतन का 01 माह का न्यूनतम पूरा पूरा वेतन बोनस के रूप में दिये जाने, न्यूनतम बोनस रू0 25000/- किए जाने,भारतीय संविधान और सिद्धांतों के मुताबिक के मुताबिक स्कीम वर्कस और कान्टेक्ट वर्कर को रेग्युलर किये जाने, सभी श्रम न्यायालयों में स्थायी पीठासीन अधिकारियों, सहायकों और कर्मचारियों के रिक्त स्थानों की पूर्ति करते हुए समयबद्ध सीमा के अन्तर्गत निर्णय कराये जाने,


सभी आम भर्तियों पर रोक हटाकर नौकरी की सुरक्षा के साथ-साथ रोजगार की गारण्टी देने, टॉवर कर्मचारियों और इसी तरह से काम करने वाले विशेष कर्मचारियों के लिए सुरक्षा वेतनमान पर कठोर नियमावली बनाने, ठेकेदारी व सब ठेकेदारी समाप्त करने, पूरे देश में एक समान वेतन व नियमावली लागू करने, भारत व राज्य सरकार की समस्त कमेटियों में श्रमिको को प्रतिनिधित्व देने ,पूरे देश में नेशनल वेज पालिसी बनाने, सभी संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को एक समान कार्यवेतन सुविधा, अवकाश, ओवरटाइम और अन्य श्रम कानूनों का लाभ एक समान निर्धारिण और लागू आदि किए जाने को लेकर
यह आंदोलन कब तक चलता रहेगा जब तक कि श्रमिक मजदूरों के हित में सभी मांगे पूरी नहीं कर दी जाएंगी।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)