35 साल सेवा के बाद भी नहीं मिली पदोन्नति, सात सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के 3000 जूनियर इंजीनियर रविवार को करेंगे ध्यानाकर्षण प्रदर्शन

प्रदेश की छह विद्युत कंपनियों में कार्यरत जूनियर इंजीनियर आगामी रविवार को अपने सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में ध्यानाकर्षण प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन इंदौर, भोपाल और जबलपुर स्थित विद्युत कंपनियों के मुख्यालयों पर आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से लगभग 3000 जूनियर इंजीनियरों की भागीदारी रहने की संभावना है।

संघ के प्रांतीय महासचिव इंजीनियर जी. के. वैष्णव ने बताया कि विद्युत कंपनियों की नीतियों के चलते जूनियर इंजीनियरों को 30 से 35 वर्षों की सेवा के बाद भी एक भी पदोन्नति नहीं मिल रही है, जबकि सहायक यंत्री पद पर भर्ती हुए इंजीनियरों को चार बार पदोन्नत कर कार्यपालन निदेशक बनाया जा रहा है। इस स्थिति को अनुचित बताते हुए उन्होंने मांग की कि जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति के लिए स्पष्ट और निष्पक्ष नीति बनाई जाए।

संघ द्वारा उठाई गई मांगों में रिक्त पदों पर शत-प्रतिशत पदोन्नति, वरिष्ठ जूनियर इंजीनियरों को कार्यपालन यंत्री बनाने, चतुर्थ वेतनमान की विसंगति दूर करने, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने और वर्ष 2018 के बाद नियुक्त कनिष्ठ यंत्रियों को समान वेतनमान तथा ग्रेड पे 4100 दिए जाने की बात शामिल है। साथ ही, पुलिस विभाग द्वारा आईपीसी की धारा 304 संशोधित 106 के तहत दर्ज की जाने वाली नामजद एफआईआर पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।

इंदौर–उज्जैन संभाग के इंजीनियर पोलोग्राउंड स्थित मुख्यालय इंदौर में, ग्वालियर और भोपाल संभाग के इंजीनियर भोपाल में तथा जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल एवं उत्पादन कंपनी के इंजीनियर शक्ति भवन गेट जबलपुर में प्रदर्शन करेंगे। इन प्रदर्शनों का नेतृत्व क्रमश: इंजीनियर जी. के. वैष्णव, इंजीनियर के. के. आर्य, डी. के. चतुर्वेदी और इंजीनियर अशोक जैन द्वारा किया जाएगा।

संघ ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण और गैर-आर्थिक मांगों को लेकर किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री का ध्यान इन समस्याओं की ओर आकर्षित करना है।

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