वर्क सर्किल-2 का मामला: शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने सीईओ को पत्र लिखकर मांगे आवंटन आदेश और लाइसेंस का ब्योरा, 2018 के आवेदकों की स्थिति जांचने की भी अपील
समाज जागरण | नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-2 में प्रदर्शित 72 दुकानदारों की सूची को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर सूची में शामिल लोगों के वेंडिंग प्रमाणपत्र, दुकान आवंटन और मौके पर बने पक्के निर्माणों की वैधता की जांच कराने की मांग की है। शिकायत में विशेष रूप से क्रम संख्या 31 से 72 तक दर्ज 42 व्यक्तियों को दुकान या स्थान उपलब्ध कराने के आधार पर जानकारी मांगी गई है।
42 लोगों के आवंटन पर मांगा जवाब
शिकायतकर्ता के अनुसार, मौके पर प्रदर्शित सूची में क्रम संख्या 1 से 30 तक के नामों के सामने कंट्रोल नंबर अथवा वेंडिंग संबंधी विवरण दिखाई देता है, जबकि क्रम संख्या 31 से 72 तक दर्ज व्यक्तियों के संबंध में अनुमति, लाइसेंस या आवंटन का आधार स्पष्ट नहीं है। उन्होंने प्राधिकरण से इन सभी मामलों के संबंधित अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का अनुरोध किया है।
पक्की दुकानों और शोरूम जैसे निर्माणों की जांच की मांग
पत्र में कहा गया है कि संबंधित स्थल पर कई जगह बड़ी पक्की दुकानें और शोरूम जैसी संरचनाएं दिखाई दे रही हैं। शिकायतकर्ता ने इन निर्माणों के संबंध में स्वीकृत नक्शे, निर्माण अनुमति, आवंटन पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्थानीय स्तर पर मार्च 2026 में दिलशाद नामक सुपरवाइजर द्वारा कुछ निर्माण कराए जाने की जानकारी दी गई थी। साथ ही, कथित तौर पर इन कार्यों को ओएसडी देवेंद्र प्रताप के आदेश से जुड़ा बताया गया। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि ऐसा कोई आदेश जारी हुआ था, तो उसकी आदेश संख्या और उपलब्ध प्रमाणित प्रति के आधार पर स्थिति स्पष्ट की जाए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
2018 में आवेदन करने वाले वेंडरों का क्या हुआ?
शिकायतकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या वर्ष 2018 में आवेदन करने वाले रेहड़ी-पटरी संचालकों के स्थान पर दूसरे व्यक्तियों को दुकान या स्थान आवंटित किया गया है। उन्होंने वर्ष 2026 में यदि कोई ड्रॉ, लॉटरी या आवंटन प्रक्रिया आयोजित हुई हो, तो उसकी तारीख, विज्ञापन, पात्र आवेदकों की सूची, कार्यवाही और परिणाम से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थलीय निरीक्षण कराकर कार्रवाई की मांग
दिलीप कुमार ने प्राधिकरण से संबंधित स्थल का निरीक्षण कराने और प्रदर्शित सूची का वास्तविक स्थिति तथा विभागीय रिकॉर्ड से मिलान कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि जिन दुकानों या निर्माणों के संबंध में वैध अनुमति नहीं मिलती, उनके मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, जांच के निष्कर्षों और शिकायत पर की गई कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से उठाए गए सवालों और जांच की मांग पर आधारित है। प्राधिकरण का आधिकारिक पक्ष तथा संबंधित आवंटन अभिलेख सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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