विवेक कुमार समाज जागरण संवाददाता
लखनऊ। कृष्णानगर क्षेत्र के ओशो नगर में विकास के नाम पर चल रही कथित अवैध धन उगाही को लेकर जनता में भारी रोष देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओशो नगर विकास समिति वर्षों से अपने स्वार्थ के लिए प्रशासनिक कार्यों का ठेका लेने का दावा करती है, जबकि वास्तविकता में कोई भी कार्य नहीं कराया जाता।क्षेत्रवासियों का कहना है कि समिति के लोग किसी भी सार्वजनिक समस्या या विकास कार्य के नाम पर चंदा एकत्र करते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। आरोप है कि एकत्रित पैसे का उपयोग समिति से जुड़े लोग अपने व्यक्तिगत निर्माण कार्यों में करते हैं।
महिलाओं और स्थानीय युवाओं ने भी कई बार समिति के सदस्यों का विरोध किया है। बावजूद इसके धन उगाही का यह सिलसिला वर्षों से लगातार जारी है। लोगों का कहना है कि समिति के कई सदस्य भ्रष्टाचार में लिप्त हैं और किसी भी
प्रशासनिक कार्रवाई का भय नहीं रखते।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि—अब देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार में डूबी समिति के खिलाफ कार्रवाई कब होगी और जनता को राहत कब मिलेगी।”
एक कारनामें और इस समिति का आपको बताते चले, प्राचीन हनुमान मंदिर क़ो क्षतिग्रस्त किया गया, क्षेत्र में भारी आक्रोश है इस विषय क़ो लेकर,समिति द्वारा सड़क चौड़ीकरण के नाम पर जेसीबी चलाकर प्राचीन हनुमान मंदिर क़ो ओशो नगर समिति द्वारा तोड़ दिया गया और —जनप्रतिनिधियों को नहीं मिली सूचना,थाना कृष्णा नगर के भोला खेड़ा चौकी क्षेत्र स्थित कनौसी फाटक पर प्राचीन हनुमान मंदिर को कथित रूप से क्षतिग्रस्त किए जाने पर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी फैल गई है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ओशो नगर के कुछ स्वयंभू लोगों ने सड़क चौड़ीकरण का बहाना बनाकर मंदिर पर जेसीबी चलवा दी।मंदिर में रहने वाली वृद्धा पुजारिन ने इसका विरोध भी किया, लेकिन मौके पर मौजूद लोग नहीं माने और मंदिर का हिस्सा ध्वस्त करवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह कार्रवाई बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के की गई।इस घटना ने धार्मिक सद्भाव और आस्था के संरक्षण पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों ने कहा कि“जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धार्मिक स्थलों के संरक्षण को
प्राथमिकता दे रहे हैं, वहीं कुछ लोग अपनी मनमर्जी से प्राचीन मंदिरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।”जबकि क्षेत्र के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल जी हैं, लेकिन आरोप है कि इस
संवेदनशील घटना की जानकारी न तो उन्हें समय पर दी गई और न ही प्रशासन ने कोई तत्काल कदम उठाया।क्षेत्रवासियों की मांग है कि बिना अनुमति मंदिर क्षतिग्रस्त करने वालों पर कठोर कार्रवाई हो तथा प्रशासन यह स्पष्ट करे कि “दोषियों पर बाबा का बुलडोज़र कब चलेगा?”लोगों ने चेतावनी दी है कि ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो क्षेत्र में धार्मिक और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है
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